The allegation of RJD booth agent Subodh Kumar's name being deleted is false, Election Commission clarified
बिहार के Nawada district में सुबोध कुमार द्वारा अपने नाम voter list से हटाने का दावा झूठा साबित हुआ है। नवादा में राहुल गांधी की Voter Rights Yatra के दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने लोकसभा चुनाव में वोट डाला था, लेकिन draft voter list में उनका नाम नहीं था।
हालांकि, Election Commission (EC) ने स्पष्ट किया कि सुबोध कुमार का नाम विशेष गहन परीक्षण 2025 से पहले भी वोटिंग लिस्ट में शामिल नहीं था। उनके नाम हटाने का आरोप निराधार है। EC के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रकाशित deleted voters list में उनका नाम दर्ज नहीं था। ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद भी उन्होंने कोई दावा या objection (Form-6 या आवश्यक declaration) नहीं पेश किया।
जब मतदान केंद्र संख्या 10 पर विलोपित मतदाताओं की सूची चिपकाई गई, तब भी सुबोध कुमार खुद उपस्थित थे लेकिन कोई आपत्ति नहीं जताई। नवादा के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) की रिपोर्ट में कहा गया है कि “विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 में सुबोध कुमार द्वारा लगाए गए नाम हटाने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। भविष्य में यदि वे Form-6 और जरूरी declaration प्रस्तुत करेंगे तो नियमों के अनुसार उनका नाम शामिल किया जाएगा।”
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सुबोध कुमार RJD के booth level agent हैं, न कि सामान्य मतदाता। उनके परिवार के अन्य सदस्य मतदान केंद्र संख्या 09 से संख्या 10 में स्थानांतरित हुए हैं, लेकिन स्वयं सुबोध कुमार का नाम कभी भी निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं हुआ।
इससे पहले, चुनाव आयोग ने Rohtas district की रंजू देवी का वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके और उनके परिवार के नाम मतदाता सूची में नहीं होने की जानकारी राहुल गांधी को दी थी। लेकिन जब draft voter list देखी गई, तो उनके और परिवार के सदस्यों के नाम मौजूद थे।
सुबोध कुमार के वीडियो को शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा था कि “जो सुबोध कुमार जी के साथ हुआ, वही लाखों लोगों के साथ बिहार में हो रहा है। वोट चोरी भारत माता पर हमला है। बिहार की जनता इसे होने नहीं देगी।” लेकिन चुनाव आयोग ने इस दावे को स्पष्ट रूप से झूठा साबित कर दिया।