बदरीनाथ हाईवे पर कार-बोलेरो की टक्कर, पुलिस और SDRF ने चलाया रेस्क्यू अभियान

उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर सड़क हादसा हो गया। लामबगड़ में जेपी पावर प्रोजेक्ट के पास बोलेरो पिकअप और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो सड़क पर पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए। दोनों वाहनों में सवार यात्री उत्तर प्रदेश और राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

टक्कर के बाद सड़क पर पलटी बोलेरो

पुलिस के मुताबिक, पांच नवंबर को गोविंदघाट थाना क्षेत्र के लामबगड़ में यह दुर्घटना हुई। बोलेरो पिकअप में सवार मोनू पुत्र राम रतन, निवासी काकड़ा, मुजफ्फरनगर को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल जोशीमठ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही चमोली पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

बोलेरो में सवार आठ लोग घायल

दुर्घटना में बोलेरो पिकअप में सवार आठ लोग घायल हुए। इनमें अंशुल (26), मोनू पाल (29) और शिवम (31), निवासी मंगलौर और लंढौरा, हरिद्वार शामिल हैं। इनके अलावा मुजफ्फरनगर निवासी शिव कुमार (42), मेनपाल (38), मनोज कुमार (35), मोंटी (28) और जॉनी पाल (35) को भी चोटें आईं।

घायलों में सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए गोपेश्वर रेफर किया जा रहा था। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल मोनू को जोशीमठ अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई।

कार सवार तीन यात्रियों को भी आई चोटें

कार में जयपुर, राजस्थान के रहने वाले तीन लोग सवार थे। इनमें अर्चिसा (20), पुष्पेंद्र कुमार (50) और पूनम रानी (46) शामिल हैं। तीनों को सामान्य चोटें आई हैं। पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान पूरा कराया।

एक दिन पहले गंगोत्री हाईवे पर नदी में गिरी थी कार

इससे एक दिन पहले गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी एक दर्दनाक हादसा हुआ था। गंगनानी के पास गुजरात से आए यात्रियों की कार अनियंत्रित होकर भागीरथी नदी में जा गिरी थी। हादसे में चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ था। घायल को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। हादसे के बाद दो महिला यात्रियों के लापता होने की सूचना थी और उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था।