‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में जुटेंगे कार्यकर्ता

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अजय कुमार लल्लू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, बैलेट पेपर से चुनाव कराने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को बंद करने की मांग उठाई। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में तकनीकी गड़बड़ियों के जरिए मतदाताओं के नामों में बदलाव और वोट काटने का काम किया जा रहा है।

लल्लू ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों को लेकर सामने आ रही शिकायतें चुनाव व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को प्रभावित कर रही हैं। कांग्रेस नेता ने इन आरोपों के समर्थन में उत्तर प्रदेश की पीलीभीत सदर विधानसभा सीट का उदाहरण भी दिया।

CEC के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

अजय कुमार लल्लू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग की। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को रोकने और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निष्पक्ष निर्वहन करने में विफल रहा है।

उन्होंने भविष्य में सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर से कराने की मांग भी की। इसके साथ ही उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को तत्काल बंद करने की बात कही। लल्लू का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और कुछ स्थानों पर गलत प्रविष्टियां जोड़ी जा रही हैं।

ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर संबंधित चुनाव अधिकारियों की जांच या आधिकारिक पुष्टि का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

सॉफ्टवेयर के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप

‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए लल्लू ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर मतदाता सूचियों में बदलाव किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में मतदाता पहचान पत्र यानी EPIC नंबर और सीरियल नंबर समान रखते हुए नाम बदलने, पात्र मतदाताओं के नाम हटाने और नए नाम जोड़ने की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस तरह की गड़बड़ियों से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस नेता ने मांग की कि मतदाता सूचियों की पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

पीलीभीत सदर सीट को लेकर किया दावा

अपनी बात रखते हुए अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश की पीलीभीत सदर विधानसभा सीट का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि वहां कुल 16,554 मतदाता प्रविष्टियों में गड़बड़ी हुई है। उनके अनुसार, इनमें 13,150 प्रविष्टियों में EPIC नंबर समान रखते हुए नाम बदले जाने, 884 वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने और 2,600 बाहरी लोगों के नाम जोड़े जाने का मामला शामिल है।

लल्लू ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में इसी तरह की गड़बड़ियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड या चुनाव आयोग का पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

1 नवंबर को दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली

कांग्रेस नेता ने घोषणा की कि कथित वोटर लिस्ट गड़बड़ियों के विरोध में 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च और रैली आयोजित की जाएगी। उनके मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रस्तावित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से 50 हजार और उत्तराखंड से 25 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों के शामिल होने की योजना है।

लल्लू ने लोगों से अपील की कि वे चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने EPIC नंबर के जरिए मतदाता सूची में अपना नाम और उससे संबंधित जानकारी जांच लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर बूथ स्तर से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेगी।

जसविंदर सिंह गोगी ने भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता में महानगर कांग्रेस देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने भी मतदाता सूची की पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार हैं और यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

गोगी ने कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना गंभीर विषय है और ऐसी शिकायतों का उचित समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली को सफल बनाने की अपील भी की।

प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, परवादून जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल, कार्यक्रम समन्वयक प्रशांत खंडूरी और रितेश जोशी सहित कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे।