हरिद्वार होमगार्ड भर्ती में AI से फर्जीवाड़ा, 10वीं-12वीं के नकली सर्टिफिकेट लगाते पकड़े गए अभ्यर्थी

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। भर्ती के लिए दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान 20 से अधिक प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए। जांच में इनके फर्जी होने की पुष्टि होने की बात सामने आई है। बताया गया कि कुछ अभ्यर्थियों ने AI की मदद से दसवीं और बारहवीं के नकली शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार कर आवेदन के साथ जमा किए थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

227 पदों के लिए करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

हरिद्वार जिले में जुलाई में होमगार्ड के 227 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इन पदों के लिए करीब 11 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। दस्तावेजों की जांच के दौरान 20 से अधिक प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि इन दस्तावेजों को AI की मदद से तैयार कर वास्तविक प्रमाण पत्रों जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी।

दस्तावेजों के सत्यापन में सामने आया फर्जीवाड़ा

हरिद्वार के मंडलीय कमांडेंट होमगार्ड गौतम कुमार के अनुसार, जांच में करीब 20 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इनमें AI की मदद से तैयार किए गए सर्टिफिकेट के साथ दसवीं और बारहवीं के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी शामिल बताए गए हैं। संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
भर्ती प्रक्रिया में तकनीक के दुरुपयोग पर बढ़ी सतर्कता
भर्ती प्रक्रिया में प्रमाण पत्रों के आधार पर अतिरिक्त अंक हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा किए जाने का मामला सामने आने के बाद विभाग की सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह है कि AI से तैयार किए गए दस्तावेजों की पहचान कर सत्यापन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

इस मामले ने सरकारी भर्ती में दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचने की जरूरत को फिर उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।