हरिद्वार से चुनाव लड़ने पर अभी फैसला नहीं, हरीश रावत बोले- समय और परिस्थितियां तय करेंगी

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार से चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा एक बार फिर जाहिर की है। शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे रावत ने हरकी पैड़ी पर विधि-विधान से गंगा पूजन किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छा के साथ व्यक्तिगत आकांक्षा का भी जिक्र किया। रावत ने भावुक अंदाज में कहा कि उनकी इच्छा है कि जीवन के अंतिम समय में उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले।

चुनाव लड़ने पर अभी अंतिम फैसला नहीं

हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा उनके मन में जरूर है, लेकिन अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव लड़ने का फैसला उस समय की परिस्थितियों, समय, स्वास्थ्य और उम्र को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इससे एक दिन पहले उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हरिद्वार से आगामी विधानसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व करने की इच्छा जताई थी।

हरिद्वार से पुराना जुड़ाव

रावत ने हरिद्वार के साथ अपने पुराने राजनीतिक जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से उनका रिश्ता लगातार गहरा हुआ है और वह क्षेत्र की सेवा करना चाहते हैं। उनकी हालिया टिप्पणी को आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में राजनीतिक रूप से भी देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने स्वयं अंतिम निर्णय परिस्थितियों पर छोड़ने की बात कही है।

सीएम की तारीफ को बताया शिष्टाचार

मुख्यमंत्री की ओर से हाल में की गई उनकी सार्वजनिक सराहना के सवाल पर रावत ने इसे मुख्यमंत्री का शिष्टाचार, सौम्यता और बड़प्पन बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है।

चुनाव आयोग को लेकर भी उठाए सवाल

बातचीत के दौरान रावत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया। रावत ने दावा किया कि हाल में दो चुनाव आयुक्तों के बयानों और रुख से उन्हें पहले उठाई गई चिंताओं की पुष्टि होती दिखाई देती है। उन्होंने चुनाव कराने वाली संस्थाओं की निष्पक्षता और साख को लेकर चिंता जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने तथा उनके खिलाफ महाभियोग की मांग की। ये रावत के राजनीतिक दावे और मांग हैं। इसी मुद्दे को लेकर 25 सितंबर को उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन भी किया था।