2027 से पहले उत्तराखंड में बड़ा सियासी खेल! श्रीनगर की मेयर समेत 10 पार्षद BJP में शामिल

उत्तराखंड की राजनीति में 2027 Assembly Election से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को झटका देते हुए श्रीनगर नगर निगम की निर्दलीय महापौर आरती भंडारी और उनके पति समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी के नेतृत्व में 10 पार्षदों ने BJP Join कर ली। देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में सभी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस राजनीतिक बदलाव को श्रीनगर की Local Politics के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

मेयर आरती भंडारी समेत 10 पार्षद BJP में शामिल

भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में विजय चमोली सोनू, मीना भारती, भावना चौहान, अंजनी भंडारी, आशीष नेगी, अनुराग चौहान, राजकुमार, नरेंद्र सिंह रावत, धर्म सिंह रावत और प्रवेश चमोली के नाम शामिल हैं। इनमें अनुराग चौहान और राजकुमार कांग्रेस से जुड़े पार्षद बताए गए हैं, जबकि बाकी पार्षद निर्दलीय हैं।

इस तरह एक साथ मेयर और कई पार्षदों के भाजपा में आने से श्रीनगर नगर निगम की राजनीति में नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है। इसे भाजपा की Political Strategy और संगठन विस्तार के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहले भी कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं आरती भंडारी

श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी इससे पहले जिला पंचायत सदस्य और खिर्सू ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। उनके पति और समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी भी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। दोनों की क्षेत्रीय राजनीति में लंबे समय से सक्रियता रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आरती भंडारी और लखपत सिंह भंडारी सहित अन्य नेताओं और पार्षदों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

‘भाजपा की विचारधारा मेरे लिए नई नहीं’ : आरती भंडारी

भाजपा में शामिल होने के बाद आरती भंडारी ने कहा कि पार्टी में शामिल होना उनके लिए विचारधारा और विकास के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सहयोग से श्रीनगर नगर निगम में विकास कार्यों को गति मिली है।

आरती भंडारी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा उनके लिए नई नहीं है और वह पहले भी भाजपा परिवार का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में अपने साथियों के साथ शामिल होकर वह श्रीनगर के विकास और जनता की सेवा के लिए और मजबूती से काम करेंगी।

विकास और जनसेवा को बताया BJP में आने की वजह

आरती भंडारी के पति लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि भाजपा में शामिल होने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के विकास और Public Service को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा, विकास की सोच और जनसेवा के संकल्प को पार्टी से जुड़ने की वजह बताया।

उन्होंने कहा कि पार्षद साथियों के साथ भाजपा में शामिल होकर क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों पर और मजबूती से काम किया जाएगा। श्रीनगर और पूरे गढ़वाल क्षेत्र के विकास के लिए सरकार और संगठन के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी उन्होंने जताई।

2027 चुनाव से पहले BJP की रणनीति को मिला बल?

आरती भंडारी और 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने का असर श्रीनगर की राजनीति तक सीमित रहने के बजाय Uttarakhand Politics में भी दिखाई दे सकता है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दल लगातार अपने संगठन और जनाधार को मजबूत करने में जुटे हैं।

श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों का भाजपा के साथ आना पार्टी के लिए संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम स्थानीय स्तर पर एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अब आने वाले दिनों में इस दल-बदल का 2027 Election Equation पर कितना असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।