Major crisis on the India-China border: bridge washed away following a cloudburst; one soldier missing.
Uttarakhand News: भारत-चीन सीमा से सटी चमोली की Niti Valley में सोमवार को भारी बारिश और बादल फटने से हालात बिगड़ गए। तमक नाले में अचानक जलस्तर बढ़ने से BRO Bridge देखते ही देखते बह गया। पुल के बहने से सीमा क्षेत्र के 12 से ज्यादा गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। वहीं, बाढ़ की चपेट में आए बीआरओ के वाहन के बाद एक हवलदार के लापता होने की सूचना है। लापता जवान की तलाश में Search and Rescue Operation जारी है।
चंद सेकंड में बह गया BRO का पुल
चमोली के तमक गांव के पास सोमवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में तेज बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि करीब एक महीने पहले तैयार किया गया BRO Bridge कुछ ही सेकंड में बाढ़ की चपेट में आकर बह गया।
बताया गया कि पुल के नजदीक खड़ा बीआरओ का वाहन भी तेज बहाव में बह गया। इसके बाद एक हवलदार के लापता होने की जानकारी सामने आई। SDRF, NDRF और जिला प्रशासन की टीमें देर रात से ही इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
12 से ज्यादा गांवों का सड़क संपर्क कटा
पुल के टूटने से नीती घाटी के कई सीमांत गांव मुख्य मार्ग से कट गए हैं। इनमें तमक, जुम्मा, कागा, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फर्किया, बांपा और गामशाली समेत कई गांव शामिल हैं।
सड़क संपर्क टूटने का असर India-China Border पर तैनात सेना की चौकियों पर भी पड़ा है। सीमांत क्षेत्र में आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
CM Dhami ने दिए राहत-बचाव तेज करने के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को Relief and Rescue Operation तेज करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों तक संपर्क बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, घाटी में अत्यधिक बादल बनने के कारण तमक नाले में अचानक भारी मात्रा में पानी आया। इसी तेज बहाव के चलते पुल के बहने की घटना हुई।
BRO बनाएगा पुल, तैयार होगा Alternative Route
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रभावित गांवों को दोबारा मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए Alternative Route तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुल के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी Border Roads Organisation (BRO) को दी गई है।
इसके साथ ही बीआरओ को घटना की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग वैज्ञानिकों की मदद से तमक नाले का अध्ययन भी कराएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
तमक नाले में पहले भी बह चुके हैं पुल
तमक नाला आपदाओं के लिहाज से पहले भी संवेदनशील रहा है। यहां पूर्व में भी कई बार पुल और संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बीआरओ की ओर से बनाया गया RCC Bridge भी करीब एक साल पहले बह गया था।
इसके बाद कुछ समय के लिए Hume Pipe के जरिए अस्थायी मार्ग तैयार किया गया और फिर वैली ब्रिज के माध्यम से यातायात शुरू कराया गया। अब एक बार फिर पुल बहने से भारत-चीन सीमा से जुड़े इस महत्वपूर्ण क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हुआ है।