Uttarakhand Women Award: 48 women honored; Tilu Rauteli Award prize money increased by ₹24,000.
उत्तराखंड में महिलाओं के योगदान और सामाजिक क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को सम्मान देने के लिए धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 महिलाओं को Teelu Rauteli Award और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को Anganwadi Worker Award से सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों पुरस्कारों की Award Money बढ़ाने का भी ऐलान किया।
सरकार के इस फैसले से जहां तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़कर 75 हजार रुपये हो गई है, वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि भी 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये कर दी गई है।
48 महिलाओं को मिला सम्मान
देहरादून में हुए समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, समाज और बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी Award Winners को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियों, बहनों और मेहनती आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को पहचानना और उन्हें लगातार प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है।
Teelu Rauteli Award की राशि 51 हजार से बढ़कर 75 हजार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने Teelu Rauteli Award Money में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की। अब इस पुरस्कार के तहत 51 हजार रुपये के बजाय 75 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।
यानी पुरस्कार की राशि में सीधे 24 हजार रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये कर दी गई है। इसमें 10 हजार रुपये की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी सिर्फ Financial Incentive नहीं है, बल्कि प्रदेश की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण, सेवा और उपलब्धियों के प्रति सरकार के सम्मान को दर्शाती है।
2023 में भी बढ़ाई गई थी तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि को 31 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। अब एक बार फिर इसमें 24 हजार रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 हजार रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह Anganwadi Worker Award की Prize Money में भी 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को और बेहतर तरीके से प्रोत्साहित किया जा सकेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के Honorarium में भी बढ़ोतरी
महिलाओं के सम्मान के साथ ही सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के Honorarium में भी वृद्धि की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है।
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए Promotion Opportunity का भी प्रावधान किया है। इसके तहत पात्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा।
तीलू रौतेली को बताया साहस और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक
मुख्यमंत्री धामी ने वीरांगना तीलू रौतेली को उत्तराखंड की वीरता और महिला शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का इतिहास सिर्फ बहादुर पुरुषों की गाथाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की साहसी महिलाओं ने भी अपने पराक्रम और संघर्ष से अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि जब भी महिला योद्धाओं के साहस और वीरता की चर्चा होगी, तीलू रौतेली का नाम हमेशा सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार तीलू रौतेली का जीवन Women Empowerment, Courage और Self-Respect की प्रेरणा देता है। उनके नाम पर दिया जाने वाला पुरस्कार प्रदेश की उन महिलाओं को सम्मानित करने का माध्यम है, जो अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट काम कर रही हैं।
उत्तराखंड की बेटियां लगातार बढ़ा रही हैं प्रदेश का मान
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत, साहस और क्षमता के बल पर अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष सम्मानित की गई महिलाएं प्रदेश की दूसरी महिलाओं और बेटियों के लिए भी Role Model बनेंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और अवसर देने से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ाना है, जो अपने काम के जरिए समाज और राज्य को नई दिशा दे रही हैं।
बच्चों के विकास में आंगनबाड़ी केंद्रों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के Early Childhood Development, Nutrition और Healthcare में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इन केंद्रों के जरिए बच्चों के शुरुआती विकास और पोषण से जुड़ी जरूरतों पर काम किया जाता है। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की Welfare Schemes को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का योगदान केवल एक विभागीय जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के बच्चों और परिवारों के बेहतर भविष्य से जुड़ा हुआ है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बेटियों के साथ जन्म से लेकर शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और Self Employment तक हर स्तर पर खड़ी है। महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं और बेटियां जब आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत होंगी, तभी राज्य को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के Respect, Empowerment और Welfare के लिए सरकार आगे भी लगातार योजनाएं और प्रयास जारी रखेगी। उन्होंने सभी Award Winners के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका योगदान अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।