Jantar Mantar Protest: Commotion during CJP's Parliament March; police resort to lathi-charge.
दिल्ली के Jantar Mantar पर सोमवार को Cockroach Janata Party (CJP) द्वारा आयोजित Parliament March के दौरान तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद Delhi Police ने उन्हें रोकने के लिए पहले समझाने का प्रयास किया और बाद में हालात बिगड़ने पर लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
सुबह से जुटने लगी थी भीड़
सुबह से ही राजधानी के विभिन्न इलाकों से लोग Jantar Mantar पहुंचने लगे थे। प्रदर्शनकारी रातभर धरना और नारेबाजी करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने तड़के ही पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कानून का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर मार्च नहीं करने की अपील की।
संसद की ओर बढ़ने पर बढ़ा तनाव
करीब सुबह 10 बजे प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार कर Parliament Street की ओर बढ़ने लगे। पुलिस द्वारा रोकने पर धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
रिपोर्ट के अनुसार, अफरा-तफरी के बीच कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने में सफल रहे।
सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। संसद की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात और आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट किया था कि नई दिल्ली क्षेत्र में BNSS Section 163 लागू है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू
घटनाक्रम के बीच प्रदर्शनकारी संगठन और सरकार के बीच बातचीत शुरू होने की भी जानकारी सामने आई। संगठन के एक प्रमुख प्रतिनिधि को अधिकारियों से चर्चा के लिए ले जाया गया। प्रदर्शनकारी पक्ष ने कहा कि वार्ता के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और आगे की कार्रवाई हालात के अनुसार की जाएगी।