Offerings stolen under the guise of VIP darshan! SIT nabs third accused in Badrinath case.
Badrinath Temple Donation Case की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही पुलिस ने अब अपने दायरे का विस्तार करते हुए Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) से पिछले तीन वर्षों के दान का रिकॉर्ड मांगा है। जांच के दौरान नकदी के साथ-साथ श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए Gold, Silver, Diamond, Ruby और अन्य बहुमूल्य आभूषणों का भी रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा।
‘कुबेर के खजाने’ का होगा रिकॉर्ड वेरिफिकेशन
मंदिर परिसर में स्थापित 26 Donation Boxes से प्राप्त नकदी और बहुमूल्य वस्तुओं की गणना के बाद उन्हें सुरक्षित बॉक्स में रखकर आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। इस संग्रह को परंपरागत रूप से ‘कुबेर का खजाना’ कहा जाता है। अब पुलिस इन अभिलेखों का विस्तृत Record Verification करेगी, ताकि रिकॉर्ड और वास्तविक सामग्री के बीच किसी प्रकार का अंतर होने की स्थिति स्पष्ट हो सके।
विशेषज्ञ लेखाकार करेगा रिकॉर्ड का मिलान
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के लिए एक Expert Accountant को बदरीनाथ भेजा गया है। विशेषज्ञ मंदिर के रिकॉर्ड में दर्ज नकदी, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का उपलब्ध सामग्री के साथ मिलान करेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वित्तीय अभिलेखों की सटीकता की पुष्टि करना है।
मुख्य आरोपी की कस्टडी रिमांड नहीं मिली
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की Custody Remand के लिए न्यायालय में आवेदन किया था, लेकिन अदालत ने फिलहाल यह अनुमति नहीं दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे जारी रहेगी।
पूर्व मंदिर अधिकारी न्यायिक हिरासत में
मामले में गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को अदालत ने 14 दिन की Judicial Custody में जेल भेज दिया है। उन्हें हाल ही में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह आदेश दिया।
इससे पहले मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को भी न्यायालय न्यायिक हिरासत में भेज चुका है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान नए तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभी जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि Badrinath Donation Investigation अभी जारी है। रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और मंदिर में प्राप्त दान की विस्तृत जांच के बाद ही किसी भी अनियमितता की अंतिम पुष्टि की जा सकेगी।