Major action by the Dhami government! FIR lodged in the Badrinath offering case; high-level probe initiated.
बद्रीनाथ मंदिर में दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में जांच अब पुलिस तक पहुंच गई है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इससे पहले उन्हें प्राथमिक जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर निलंबित किया गया था। अब पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी।
CCTV फुटेज के बाद बढ़ी कार्रवाई
मंदिर में दान-चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद समिति ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जांच के दौरान कुछ CCTV Footage और अन्य रिकॉर्ड की समीक्षा में प्रमोद नौटियाल की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। समिति का दावा है कि फुटेज में उन्हें कथित रूप से निर्धारित प्रक्रिया के बिना चढ़ावे की राशि ले जाते हुए देखा गया।
BKTC की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
BKTC के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित शिकायत के आधार पर 8 जुलाई 2026 को बद्रीनाथ थाने में FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया है कि 2 जुलाई को सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों के बाद गठित जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में सुबह करीब 9:00 से 9:30 बजे के बीच संबंधित कर्मचारी द्वारा कथित रूप से अनधिकृत तरीके से मंदिर की धनराशि उठाए जाने की बात दर्ज की है। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले निलंबन, अब पुलिस जांच
एफआईआर दर्ज होने से पहले ही प्रमोद नौटियाल को उनके पद से निलंबित कर दिया गया था। उनके खिलाफ 3 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी।
सरकार ने बनाई हाई लेवल जांच समिति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त करेंगे, जबकि एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य होंगे।
15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
पर्यटन सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। समिति दान-चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच करने के साथ-साथ मंदिर की Donation Management System को अधिक Transparent, Accountable और Efficient बनाने के लिए सुधारात्मक सुझाव भी देगी। जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों की राय भी ली जा सकेगी।