बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गड़बड़ी का आरोप, अंदरूनी शिकायत के बाद मचा हड़कंप

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अब Badrinath Dham भी दान और चढ़ावे को लेकर उठे आरोपों की वजह से चर्चा में है। उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल में एक धार्मिक संगठन ने Donation Theft का आरोप लगाते हुए Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) के एक कर्मचारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। मामले के सामने आने के बाद समिति ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया गया है।

कर्मचारियों को जारी किए गए नोटिस

BKTC के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने मामले को गंभीर मानते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया है। सभी से तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।

वहीं, समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह समिति का नियमित कर्मचारी है और पहले भी कई अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है।

BKTC अध्यक्ष ने क्या कहा?

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यदि जांच में किसी कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।

CCTV फुटेज की हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद BKTC Management ने चुपचाप CCTV फुटेज की समीक्षा शुरू की। हालांकि फुटेज को ज़ूम करने के बावजूद कुछ दृश्य स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

जांच एजेंसियां तकनीकी तरीके से फुटेज का विश्लेषण कर रही हैं।

राम मंदिर विवाद के बाद बढ़ाई गई निगरानी

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले के बाद बदरीनाथ धाम में भी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया गया था।

BKTC अध्यक्ष के अनुसार मंदिर परिसर में High Resolution CCTV Cameras लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि की स्पष्ट रिकॉर्डिंग हो सके और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना कम हो।

पहले भी विवादों में रहा है BKTC

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पिछले कुछ वर्षों में कई विवादों को लेकर चर्चा में रही है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

गर्भगृह में लगी Gold Plating का रंग उतरने का मामला।
मंदिर परिसर में QR Code Donation System को लेकर उठे सवाल।
समिति के बजट के उपयोग पर विवाद।
कर्मचारी नियुक्तियों को लेकर लगाए गए आरोप।
VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर हुई आलोचना।

इन घटनाओं के बाद समिति की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

अंदरूनी शिकायत से सामने आया मामला

सूत्रों का दावा है कि दान गिनती में कथित गड़बड़ी की जानकारी मंदिर समिति के भीतर से ही संबंधित धार्मिक संगठन तक पहुंची। इसके बाद संगठन ने समिति प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच की मांग की।

हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील

CEO सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। इसलिए किसी भी आरोप को जांच पूरी होने से पहले सही या गलत मानना उचित नहीं होगा।

उन्होंने लोगों और संगठनों से अपील की कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक अपुष्ट दावों और अफवाहों से बचें, ताकि Badrinath Dham की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित न हो।

फिलहाल समिति की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।