देहरादून में ‘स्पेशल-26’ जैसा कांड! खुद को Mumbai Crime Branch बताकर कारोबारी का किया किडनैप

Dehradun Crime News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बॉलीवुड फिल्म ‘Special 26’ की कहानी जैसी एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। चार लोगों ने खुद को Mumbai Crime Branch का अधिकारी बताकर एक कारोबारी का कथित तौर पर अपहरण किया और पिस्तौल के बल पर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांग डाली। हालांकि कारोबारी के पिता की सूझबूझ से आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए।

Fake Crime Branch बनकर फैक्ट्री पहुंचे आरोपी

जानकारी के अनुसार, जीएमएस रोड स्थित मोहित विहार निवासी सिद्धार्थ अग्रवाल पटेलनगर औद्योगिक क्षेत्र में फोटोकॉपी पेपर शीट की फैक्ट्री संचालित करते हैं। 25 जून की दोपहर करीब दो बजे एक कार उनकी फैक्ट्री के बाहर पहुंची। कार से एक महिला समेत चार लोग उतरे, जिनके साथ हथियारबंद गार्ड भी मौजूद था।

आरोपियों में से एक ने खुद को Mumbai Crime Branch का इंस्पेक्टर रंजीत कांसले बताया। उसने कारोबारी का मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिया और एक कथित शिकायत का हवाला देते हुए उन्हें जबरन कार में बैठाकर सहारनपुर चौक स्थित एक होटल के पास ले गया।

पिस्तौल दिखाकर दी गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी

कार में आरोपियों ने कारोबारी को पिस्तौल दिखाकर धमकाया। उन्होंने दावा किया कि वह एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है और उसे MCOCA तथा NDPS Act जैसे गंभीर मामलों में फंसा दिया जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने मामला रफा-दफा करने के बदले 25 लाख रुपये की मांग की।

करीब डेढ़ घंटे बाद आरोपी कारोबारी को वापस उसकी फैक्ट्री लेकर पहुंचे। इस दौरान उनके पिता प्रदीप अग्रवाल और एक पड़ोसी कारोबारी भी वहां पहुंच चुके थे।

आईडी कार्ड मांगते ही घबराए आरोपी

स्थिति उस समय बदल गई जब कारोबारी के पिता ने आरोपियों से उनका Identity Card दिखाने और स्थानीय पुलिस को साथ न लाने का कारण पूछा। सवाल सुनते ही कथित अधिकारी घबरा गए और यह कहकर वहां से निकल गए कि वे स्थानीय पुलिस को लेकर वापस आते हैं। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए।

मुख्य आरोपी निकला महाराष्ट्र पुलिस का बर्खास्त कर्मी

परिवार द्वारा की गई जांच में सामने आया कि खुद को Crime Branch अधिकारी बताने वाला रंजीत कांसले महाराष्ट्र पुलिस का बर्खास्त कर्मचारी बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार घटना में इस्तेमाल की गई कार पर गौतमबुद्ध नगर का पंजीकरण नंबर है, जिसकी जांच की जा रही है। साथ ही फैक्ट्री और आसपास के इलाकों के CCTV Footage भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाया जा सके।

सस्ती सरकारी गाड़ी दिलाने के नाम पर भी ठगी

इसी बीच देहरादून के रायपुर क्षेत्र में ठगी का एक और मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने परिवहन विभाग की नीलामी वाली सरकारी गाड़ी कम कीमत में दिलाने का झांसा देकर दो लाख रुपये की ठगी कर ली। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी।

रायपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।