17 अप्रैल को बड़ा चुनाव: क्या फिर बनेंगे Harivansh Rajya Sabha Deputy Chairman?

राज्यसभा के उप-सभापति (Deputy Chairman of Rajya Sabha) पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव आयोजित किया जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह मतदान सुबह 11 बजे होगा, जब सदन की कार्यवाही और पेपर्स/रिपोर्ट्स टेबल पर रखने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

 Election Notification और प्रक्रिया

राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि Deputy Chairman election 2026 के लिए प्रक्रिया नियमों के अनुसार तय की गई है। राज्यसभा के सभापति ने Rule 7 of Council of States Procedure and Conduct of Business Rules के तहत चुनाव की तारीख निर्धारित की है।

नोटिफिकेशन के मुताबिक, 16 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक सदस्य इस पद के लिए nomination notice दे सकते हैं।

Special Session के दौरान शपथ और चुनाव की तैयारी

16 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र (Parliament Special Session) के दौरान वे सदस्य भी शपथ लेंगे जिन्होंने अभी तक राज्यसभा सदस्य के रूप में oath नहीं ली है। इसी सत्र में Women Reservation Bill (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) पर भी चर्चा प्रस्तावित है।

यदि राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनती है, तो चुनाव 16 अप्रैल को भी संभव है, अन्यथा मतदान 17 अप्रैल को कराया जाएगा।

🤝 NDA की रणनीति और Harivansh का नाम आगे

सूत्रों के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन NDA (National Democratic Alliance) राज्यसभा उप-सभापति पद के लिए एक बार फिर Harivansh Narayan Singh को उम्मीदवार बना सकता है।

सरकार की ओर से विपक्षी दलों के साथ बातचीत भी जारी है ताकि consensus candidate के रूप में सहमति बनाई जा सके और मतदान की नौबत न आए।

इस प्रक्रिया में संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju, भाजपा अध्यक्ष Jagat Prakash Nadda और केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal विपक्षी नेताओं से संपर्क में बताए जा रहे हैं।

विपक्ष का विरोध और राजनीतिक बहस

हालांकि विपक्षी दलों ने सरकार की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और लेफ्ट पार्टियों का आरोप है कि सरकार इस नियुक्ति में “hurry and pressure tactics” अपना रही है।

कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने आरोप लगाया कि सरकार राज्यसभा में डिप्टी चेयरमैन पद को तेजी से भरने की कोशिश कर रही है, जबकि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद 2019 से खाली पड़ा है।

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बताते हुए कहा कि सरकार “bulldoze approach” अपना रही है।

 TMC का आरोप: “Parliament का मजाक बनाया जा रहा है”

तृणमूल कांग्रेस के नेता Derek O’Brien ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब कई सांसद चुनावी व्यस्तताओं में हैं, ऐसे समय में राज्यसभा उप-सभापति चुनाव कराना उचित नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में निर्णय लेकर संसद की परंपराओं को कमजोर कर रही है।

 Deputy Chairman Vacancy और राजनीतिक स्थिति

9 अप्रैल को Harivansh का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा उप-सभापति का पद रिक्त हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए नामित किया और उन्होंने 10 अप्रैल को शपथ ली।

अब देखना होगा कि क्या NDA candidate Harivansh Narayan Singh के नाम पर विपक्ष सहमति बनाता है या फिर 17 April voting की स्थिति बनती है।