Voter Verification Drive reveals major revelations: If 2003 records are not found, names may be removed.
अगर आपके बच्चे पढ़ाई, नौकरी या किसी अन्य वजह से दूसरे राज्य या विदेश में रह रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी है। Election Commission ने स्पष्ट किया है कि Special Intensive Revision (SIR) के दौरान घर पर अनुपस्थित रहने भर से उनका नाम Voter List से नहीं हटेगा।
यह नई व्यवस्था खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके बेटे-बेटियां लंबे समय से घर से बाहर रह रहे हैं और जिनके माता-पिता को यह डर सता रहा था कि voter verification के दौरान अनुपस्थिति कहीं उनके वोट पर भारी न पड़ जाए।
क्या है पूरा मामला?
मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के दौरान घर-घर सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया चलती है। इस दौरान कई परिवारों की सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि अगर घर का कोई सदस्य उस समय मौजूद नहीं है, तो क्या उसका नाम वोटर लिस्ट से कट सकता है?
सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को थी:
जिनके बच्चे hostel में पढ़ रहे हैं
जो दूसरे शहरों में job कर रहे हैं
या जो foreign education / overseas work के लिए बाहर हैं
अब आयोग ने साफ कर दिया है कि सिर्फ physical absence के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा।
अब अभिभावक कर सकेंगे यह जरूरी काम
नई व्यवस्था के तहत, अगर बेटा या बेटी घर पर मौजूद नहीं है, तो उनके parents / guardians उनकी ओर से SIR enumeration form पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
यानी अब:
बच्चे का घर पर मौजूद होना जरूरी नहीं
Parent signature मान्य होगा
फॉर्म के साथ रिश्ते का उल्लेख करना होगा
और आवश्यक दस्तावेज भी लगाने होंगे
यह बदलाव खास तौर पर उन राज्यों और इलाकों के लिए अहम है, जहां बड़ी संख्या में युवा migration, education या employment के कारण बाहर रहते हैं।
किस बात से सबसे ज्यादा डर था?
कई अभिभावकों को यह आशंका थी कि अगर:
verification के समय बच्चा घर पर नहीं मिला
फॉर्म पर उसी के हस्ताक्षर नहीं हुए
या वह समय पर उपलब्ध नहीं हो पाया
तो कहीं उसका नाम electoral roll से हट न जाए।
अब मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने इस भ्रम को दूर करते हुए साफ किया है कि eligible voter का नाम सिर्फ अनुपस्थिति के आधार पर नहीं काटा जाएगा, बशर्ते जरूरी formalities पूरी कर दी जाएं।
फॉर्म भरते समय किन बातों का ध्यान रखें?
अगर आपका बेटा या बेटी बाहर रह रहा है और आप उसकी ओर से SIR form भर रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा:
Parent/Guardian को क्या करना होगा?
गणना प्रपत्र / enumeration form सही-सही भरना
बच्चे के साथ अपना relationship दर्ज करना
जरूरी supporting documents लगाना
हस्ताक्षर करके फॉर्म जमा करना
यह सुनिश्चित करेगा कि verification process में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।
विदेश में रहने वालों के लिए अलग प्रक्रिया क्या है?
जो भारतीय नागरिक विदेश में रह रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी अन्य देश की citizenship नहीं ली है, उनके लिए अलग NRI voter registration process लागू होती है।
ऐसे लोग Overseas Voter के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं।
इसके लिए क्या करना होगा?
उन्हें Form 6A भरना होगा, जो NRI / Overseas Elector Registration के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
Form 6A कैसे भरें?
विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक Election Commission की official voter services website NVSP के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
Process आसान शब्दों में:
NVSP portal पर जाएं
Form 6A भरें
passport size photo अपलोड/जोड़ें
जरूरी दस्तावेजों की self-attested copies तैयार करें
दस्तावेज संबंधित क्षेत्र के BLO (Booth Level Officer) तक भेजें
यानी अगर आप physically India में मौजूद नहीं हैं, तब भी आप अपने voting rights को सुरक्षित रख सकते हैं।
कौन बन सकता है Overseas Voter?
हर विदेश में रहने वाला भारतीय स्वतः overseas elector नहीं माना जाता। इसके लिए कुछ बुनियादी शर्तें होती हैं।
Overseas Voter बनने की मूल शर्तें:
व्यक्ति Indian citizen हो
उसने किसी दूसरे देश की citizenship न ली हो
उसका भारत में एक ordinary place of residence दर्ज हो
वह संबंधित constituency में पंजीकरण के योग्य हो
अगर ये शर्तें पूरी होती हैं, तो वह Form 6A के जरिए वोटर लिस्ट में नाम दर्ज रख सकता है।
क्या विदेश में रहकर वोट डाल सकते हैं?
यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं। आमतौर पर Overseas Voter Registration से नाम वोटर लिस्ट में बना रहता है, लेकिन मतदान के लिए लागू नियमों के अनुसार व्यक्ति को कई मामलों में भारत आकर मतदान करना पड़ सकता है।
इसलिए registration और actual voting method को अलग-अलग समझना जरूरी है।
इस खबर का सबसे अहम बिंदु फिलहाल यह है कि:
नाम बचा रहेगा, अगर सही प्रक्रिया अपनाई जाए।
Election Commission का मकसद क्या है?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने साफ कहा है कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी eligible Indian voter, चाहे वह देश में हो या विदेश में, सिर्फ तकनीकी या भौतिक अनुपस्थिति की वजह से अपने voting right से वंचित न रह जाए।
यानी Election Commission का फोकस अब सिर्फ “मौजूदगी” पर नहीं, बल्कि eligibility protection और inclusive voter registration पर है।
किन परिवारों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी?
यह नई व्यवस्था खास तौर पर इन परिवारों के लिए बड़ी राहत है:
जिनके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं
जो IT, corporate, shipping, healthcare जैसी jobs में बाहर हैं
जिनके बच्चे दूसरे राज्य में hostel या coaching में रह रहे हैं
जिनके परिवार में verification के समय सभी सदस्य घर पर मौजूद नहीं होते
अब ऐसे परिवारों को हर SIR cycle में यह डर नहीं रहेगा कि “घर पर नहीं था, इसलिए वोट कट गया।”
क्यों जरूरी है समय पर फॉर्म भरना?
हालांकि आयोग ने राहत दी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोग प्रक्रिया को हल्के में लें।
आपको क्या करना चाहिए?
अपने परिवार के सभी eligible members का voter status चेक करें
SIR के दौरान आने वाले verification forms को नजरअंदाज न करें
बाहर रहने वाले बच्चों/परिजनों के documents पहले से तैयार रखें
जरूरत हो तो BLO या स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें
क्योंकि voter list में नाम बने रहने के लिए timely compliance अभी भी जरूरी है।
अगर आपका बेटा या बेटी दूसरे राज्य या विदेश में रह रहा है, तो सिर्फ उसकी गैरमौजूदगी से उसका नाम Voter List से नहीं कटेगा। Election Commission ने SIR प्रक्रिया को आसान बनाते हुए अभिभावकों को फॉर्म पर हस्ताक्षर की अनुमति दी है।
इस अपडेट की सबसे जरूरी बातें:
बाहर रहने वाले बच्चों का वोट सिर्फ अनुपस्थिति से नहीं कटेगा
Parents/Guardians फॉर्म पर sign कर सकते हैं
जरूरी दस्तावेज और रिश्ता दर्ज करना होगा
विदेश में रहने वाले भारतीय Form 6A के जरिए Overseas Voter बन सकते हैं
उद्देश्य है: No eligible voter should lose voting rights
यानी अब अगर आपका बच्चा abroad, hostel, job city या overseas में है, तो घबराने की जरूरत नहीं — बस सही प्रक्रिया अपनानी होगी।