“Stock Market Crash: एक ही दिन में 2 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान!”

क्या है ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और क्यों मचा हाहाकार?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की Tariff Policy ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मचा दी है। इस नीति के तहत कई विदेशी उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाया गया, जिससे न केवल अमेरिकी बल्कि वैश्विक Stock Market में बड़ी गिरावट आई।

गुरुवार को Wall Street में S&P 500 कंपनियों के शेयरों से 2.4 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति मिट गई, जो मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति Global Trade System को मंदी की ओर धकेल सकती है।

 

किन देशों को लगा सबसे बड़ा झटका?

ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के तहत सभी आयातों पर 10% का शुल्क लगाया गया, लेकिन कुछ देशों के लिए यह दर और भी अधिक है:

  • China: 34%

  • European Union: 20%

  • Vietnam: 46%

  • India: 27%

  • Japan: 24%

शेयर बाज़ार में भारी गिरावट | कौन-कौन से सेक्टर हुए प्रभावित?

NASDAQ Composite Index में 5.97% की गिरावट आई, जबकि Dow Jones और S&P 500 ने भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की।

सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर:

  • Technology Companies (Apple, Google, Microsoft)

  • Retail Giants (Amazon, Walmart, Nike)

  • Automobile Industry (Ford, GM, Tesla)

  • Banking Sector (JP Morgan, Goldman Sachs)

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह टैरिफ लंबे समय तक जारी रहा, तो Inflation (मुद्रास्फीति) बढ़ेगी और उपभोक्ता खर्च में गिरावट आएगी।

क्या मंदी का खतरा बढ़ रहा है?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस नीति से Global Recession की आशंका बढ़ गई है। Fitch Ratings के विशेषज्ञ ओलू सोनोला के अनुसार, “अगर यह टैरिफ लंबे समय तक रहा, तो कई देश मंदी में जा सकते हैं।” JP Morgan के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि 2025 तक अमेरिका और विश्व अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया | अमेरिका को मिलेगा जवाब?

ट्रंप के टैरिफ से नाराज European Union और China ने प्रतिशोधी कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

  • EU Commission President Ursula von der Leyen ने कहा कि “हम इस आक्रामक नीति का जवाब देने के लिए तैयार हैं।”

  • China ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर Counter-Tariffs लगाने की घोषणा की।

निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं:

  • US Treasury Bonds की मांग बढ़ी, जिससे 10-Year Treasury Yield गिरकर 4.05% पर आ गई।

  • Gold Prices 3,160 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं।

क्या ट्रंप का फैसला सही है?

ट्रंप ने अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा, “अमेरिका को Manufacturing Hub बनाने के लिए यह जरूरी कदम है।” लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति Supply Chain को नुकसान पहुंचा सकती है।

आगे क्या?

आने वाले दिनों में अमेरिकी Federal Reserve की नीतियां और अन्य देशों की प्रतिक्रियाएँ तय करेंगी कि यह संकट कितना गहराएगा। निवेशक, व्यवसाय और उपभोक्ता इस नीति के प्रभावों को करीब से देख रहे हैं।