Uttarakhand में MBBS की 200 नई सीटें, Pithoragarh और Rudrapur Medical College से छात्रों को बड़ी राहत

उत्तराखंड में Medical Education को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी Academic Session से राज्य में MBBS की 200 नई सीटें जुड़ने की संभावना है। इसके लिए पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में बन रहे दो नए Medical College को शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।

राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने दोनों मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य पूरे होने के बाद National Medical Commission (NMC) से मान्यता के लिए आवेदन कर दिया है। जल्द ही NMC की निरीक्षण टीम दोनों संस्थानों का दौरा कर सकती है। मंजूरी मिलने के बाद दोनों कॉलेजों में 100-100 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

1125 से बढ़कर 1325 होंगी MBBS Seats

वर्तमान में उत्तराखंड में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर कुल 1125 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। यदि दोनों नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिल जाती है, तो यह संख्या बढ़कर 1325 हो जाएगी। यानी एक ही Academic Session में MBBS सीटों में 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज होगी।

यह बढ़ोतरी उन हजारों NEET Aspirants के लिए राहत लेकर आएगी, जो हर साल परीक्षा में सफल होने के बावजूद सीमित सीटों के कारण MBBS Admission नहीं ले पाते हैं।

NMC Inspection के बाद मिलेगा अंतिम फैसला

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, दोनों मेडिकल कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया जारी है। NMC की टीम जल्द ही कॉलेजों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

मान्यता मिलने के बाद पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज राज्य के मेडिकल शिक्षा नेटवर्क में शामिल हो जाएंगे और नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।

NEET छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा

हर साल उत्तराखंड के बड़ी संख्या में छात्र NEET Exam क्वालिफाई करते हैं, लेकिन सीटों की कमी के कारण उन्हें दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। कई छात्रों को महंगे Private Medical College में दाखिला लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।

नई सीटों के जुड़ने से स्थानीय छात्रों को राज्य के भीतर ही MBBS की पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा। इससे मेडिकल शिक्षा की पहुंच भी बढ़ेगी।

सीमांत क्षेत्रों में मजबूत होगा Health Infrastructure

पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जैसे क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज खुलने से केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि Health Infrastructure को भी मजबूती मिलेगी। खासकर सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज शुरू होने से कुमाऊं मंडल के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।

अब तक देहरादून, हल्द्वानी और ऋषिकेश जैसे शहर मेडिकल शिक्षा के प्रमुख केंद्र रहे हैं। नए संस्थान खुलने से क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और दूरदराज के छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

राज्य में प्रमुख मेडिकल कॉलेज और MBBS सीटें

वर्तमान में उत्तराखंड के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में दून मेडिकल कॉलेज (150 सीट), श्रीनगर मेडिकल कॉलेज (150 सीट), हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज (125 सीट), अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज (100 सीट), हरिद्वार मेडिकल कॉलेज (100 सीट), हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट (150 सीट), सुभारती मेडिकल कॉलेज (50 सीट) और इंदिरा मेडिकल कॉलेज (200 सीट) शामिल हैं।

दो नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद राज्य की Medical Education Capacity में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।