Women Reservation Law: 33% reservation may be implemented before the UP and Uttarakhand assembly elections.
केंद्र सरकार Women Reservation Law को लागू करने के लिए नई रणनीति पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार Modi Government यह विकल्प तलाश रही है कि Women Reservation Act 2023 को Census और Delimitation Process से अलग करके लागू किया जाए।
अगर ऐसा होता है तो यह कानून 2027 की शुरुआत में होने वाले Uttar Pradesh और Uttarakhand Assembly Elections से पहले लागू किया जा सकता है।
क्या है Nari Shakti Vandan Act
Women Reservation Act 2023 को Nari Shakti Vandan Act के नाम से भी जाना जाता है। इस कानून के तहत:
Lok Sabha में महिलाओं के लिए
State Legislative Assemblies में महिलाओं के लिए
कुल 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है।
यह बिल September 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान पारित किया गया था।
Lottery System से लागू हो सकता है आरक्षण
सूत्रों के मुताबिक सरकार lottery system के जरिए सीटों का निर्धारण कर सकती है। इस व्यवस्था में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को रोटेशन के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा सकता है।
इस मुद्दे पर Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju ने विपक्षी दलों से भी चर्चा शुरू की है। उन्होंने इस विषय पर Congress President Mallikarjun Kharge से दो बार बातचीत भी की है।
सरकार बना रही है राजनीतिक सहमति
सरकार इस कानून को लागू करने से पहले व्यापक political consensus बनाने की कोशिश कर रही है।
सूत्रों के अनुसार सरकार चाहती है कि Parliament Budget Session के दौरान ही इस कानून में जरूरी संशोधन पर चर्चा हो। इसके लिए अन्य विपक्षी दलों से भी संपर्क किया जा सकता है।
हाल ही में किरेण रिजिजू ने संकेत दिया था कि संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ एक अहम बिल पर भी चर्चा हो सकती है।
क्यों जुड़ा था Census और Delimitation से
जब Women Reservation Bill संसद में पेश किया गया था, तब उसमें यह प्रावधान रखा गया था कि:
पहले Census पूरी हो
उसके बाद Delimitation Process समाप्त हो
इसके बाद ही महिलाओं के लिए 33% reservation लागू किया जाएगा।
सरकार का अनुमान है कि Delimitation Process वर्ष 2027 तक पूरी हो सकती है।
विपक्ष ने उठाए थे सवाल
जब संसद में यह बिल पेश किया गया था, तब विपक्ष के कई नेताओं—खासकर Mallikarjun Kharge—ने इसे delimitation process से जोड़ने पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि इससे कानून के लागू होने में अनावश्यक देरी हो सकती है।
अब सरकार इस प्रक्रिया से अलग रास्ता निकालने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की पहल
अगर Women Reservation Act लागू होता है तो इससे:
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की political representation बढ़ेगी
राजनीति में gender equality को बढ़ावा मिलेगा
महिला नेतृत्व को नया अवसर मिलेगा
विशेषज्ञों के अनुसार यह कानून भारतीय राजनीति में historic reform साबित हो सकता है।