Uttarakhand Missing Case: Babita Pandey missing for 20 days; search operation and questions continue.
उत्तराखंड के प्रसिद्ध ट्रैकिंग स्पॉट Dayara Bugyal से लापता हुई बबीता पांडे को 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। प्रशासन, रेस्क्यू टीमें और परिवार लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
ट्रैकिंग के दौरान रहस्यमयी गुमशुदगी
29 मई की रात बबीता पांडे अपने दो दोस्तों के साथ दयारा बुग्याल ट्रैक पर मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि सभी लोग एक टेंट में रुके हुए थे, जहां गाने चलाने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद बबीता बिना जूते (चप्पल) पहने और सिर्फ अपना iPhone लेकर टेंट से बाहर निकल गईं।
इसके बाद से ही वह लापता हैं।
आखिरी बार देखे जाने की जानकारी
ट्रैक पर मौजूद कुछ अन्य ट्रेकर्स ने दावा किया कि उन्होंने बबीता को रात के समय फोन पर गाने सुनते हुए देखा था। यही उनकी आखिरी पुष्टि की गई लोकेशन और उपस्थिति मानी जा रही है।
इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे यह मामला और अधिक रहस्यमयी बन गया है।
सर्च ऑपरेशन जारी, लेकिन कोई सफलता नहीं
घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद कई टीमों ने इलाके की तलाशी ली, लेकिन अब तक कोई महत्वपूर्ण क्लू नहीं मिला है।
परिवार का कहना है कि न तो पुलिस के पास कोई स्पष्ट सुराग है और न ही सर्च ऑपरेशन से कोई ठोस परिणाम सामने आया है।
लोक मान्यताओं और उम्मीदों की चर्चा
स्थानीय लोगों की मान्यताओं के अनुसार, उत्तराखंड में कई जगहों पर “लोक देवताओं” से जुड़ी आस्था प्रचलित है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, बबीता के परिवार ने भी स्थानीय लोक-आस्था से जुड़े स्थान पर जाकर प्रार्थना की।
परिवार का दावा है कि उन्हें वहां से यह संदेश मिला कि “बबीता रास्ता भटक गई है और वह सुरक्षित होकर खुद घर लौट आएगी।”
हालांकि, यह पूरी तरह स्थानीय मान्यताओं और विश्वासों पर आधारित बातें हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच जारी, कई सवाल अनसुलझे
इस पूरे मामले में कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं—
बबीता आखिरी बार किस दिशा में गई थीं?
क्या यह केवल दुर्घटना है या कुछ और कारण हैं?
इतने दिनों बाद भी कोई ठोस सबूत क्यों नहीं मिला?
पुलिस और जांच एजेंसियां सभी एंगल से मामले की जांच कर रही हैं।
परिवार अभी भी उम्मीद लगाए बैठा है कि बबीता सुरक्षित वापस लौट आएंगी।