Middle East equations shift following the agreement; statements by Trump and Netanyahu draw attention.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran के खिलाफ नए सैन्य हमलों को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ घंटे पहले ही उन्होंने Iran पर और अधिक सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। Trump के इस अचानक बदले रुख ने वैश्विक राजनीति और West Asia Crisis को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
Trump ने क्यों बदला अपना फैसला?
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में Donald Trump ने कहा कि Iran के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर बातचीत आगे बढ़ी है और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने नए सैन्य हमलों को रोकने का निर्णय लिया है।
हालांकि इससे पहले Trump ने Iran को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर Kharg Island समेत कई महत्वपूर्ण Oil Infrastructure Sites को अपने नियंत्रण में ले सकता है। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।
Oman के पास जहाजों पर हमले से बढ़ी चिंता
West Asia Conflict के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। Oman के पास एक और जहाज MV Jalveer पर हमला होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह चार दिनों के भीतर तीसरी ऐसी घटना है।
इससे पहले Gulf of Oman में एक टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए अमेरिकी राजनयिक को तलब किया था।
Strait of Hormuz बना वैश्विक चिंता का केंद्र
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल Strait of Hormuz को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान की ओर से जलमार्ग को बंद करने के दावे किए गए, जबकि अमेरिकी सेना ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही अभी भी जारी है।
इस रणनीतिक मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक Oil Market और Energy Supply Chain पर सीधा असर डाल सकता है।
Saudi Arabia, China और Russia ने की संयम की अपील
बढ़ते तनाव के बीच Saudi Arabia, China, Russia और Türkiye समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
सऊदी अरब ने Pakistan और Qatar की मध्यस्थता में वार्ता फिर से शुरू करने का समर्थन किया है। वहीं रूस और चीन ने भी तत्काल कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
Global Markets पर दिख रहा असर
US-Iran Tensions का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। बढ़ती अनिश्चितता के कारण Crude Oil Prices में तेजी दर्ज की गई है, जबकि कई देशों के शेयर बाजार दबाव में नजर आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि West Asia में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
फिलहाल Donald Trump द्वारा नए हमले रोकने के फैसले से तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और समुद्री सुरक्षा को लेकर खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता और आने वाले कूटनीतिक कदमों पर टिकी हुई है।
यदि बातचीत सफल होती है तो क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ सकती है, लेकिन किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से स्थिति फिर गंभीर रूप ले सकती है।