Questions raised over Rekha Arya’s alleged assets worth ₹210 crore; demand for an impartial probe by the Vigilance department.
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के बाद अब कथित अवैध संपत्ति का मामला भी चर्चा में है। गिरधारी लाल साहू की ओर से मंत्री पर करीब 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि, संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
210 करोड़ की कथित संपत्ति को लेकर शिकायत
मंत्री रेखा आर्य की ओर से अपने पति के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद गिरधारी लाल साहू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होंने रेखा आर्य के पास लगभग 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति होने का आरोप लगाया।
अब अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने इन आरोपों की जांच की मांग करते हुए विजिलेंस से संपर्क किया है। शिकायत में संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों और उनकी आय के ज्ञात एवं वैध स्रोतों की पड़ताल करने की मांग की गई है।
बैंक खातों, निवेश और कंपनियों के रिकॉर्ड की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जांच के दौरान संपत्तियों के साथ बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), निवेश, शेयरों, कंपनियों और अन्य वित्तीय हितों से जुड़े रिकॉर्ड की भी नियमानुसार जांच की जाए। शिकायत के मुताबिक, जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संबंधित संपत्तियां वैध आय के स्रोतों से अर्जित की गई हैं या नहीं। जहां कानून के तहत संपत्ति अथवा वित्तीय हितों का विवरण देना जरूरी है, वहां संबंधित घोषणाओं और दस्तावेजों की भी पड़ताल किए जाने की मांग की गई है।
दस्तावेजों और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर जांच पर जोर
शिकायतकर्ता ने कहा है कि मामले की जांच केवल सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि की जानी चाहिए, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इसके साथ ही जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और उस पर किसी तरह के अनुचित दबाव या पक्षपात की आशंका नहीं रहनी चाहिए। शिकायत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले में संबंधित प्राधिकरण की जांच और उसके निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
घरेलू विवाद के बीच संपत्ति के आरोपों से बढ़ी चर्चा
रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मारपीट, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान को खतरा होने जैसे आरोप लगाए थे। इस संबंध में उन्होंने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी। दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मंत्री पर कथित अवैध संपत्ति अर्जित करने और विभागीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप लगाए। रेखा आर्य ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए जांच के लिए तैयार होने की बात कही है।
इस घटनाक्रम के बाद मामला घरेलू विवाद से आगे बढ़कर कथित संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच की मांग तक पहुंच गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विजिलेंस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।