उत्तराखंड में निवेश के दावों पर सवाल, राहुल गांधी के आरोपों के बीच सोशल मीडिया अकाउंट जांच के घेरे में

उत्तराखंड में वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश संबंधी दावों को लेकर विवाद बढ़ गया है। एक ओर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर निवेश के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर उद्योग निदेशालय की शिकायत पर देहरादून की राजपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस बीच उद्योग विभाग ने दावा किया है कि समिट में हुए निवेश प्रस्तावों में से 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जबकि भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सरकार के पक्ष में जवाब दिया है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उद्योग निदेशालय ने की शिकायत

उद्योग निदेशालय के अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह ने इस मामले में एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कामरान नाम के व्यक्ति समेत कुछ लोग ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर कथित रूप से झूठी और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। निदेशालय का कहना है कि इस तरह की सामग्री से निवेशकों के बीच अविश्वास पैदा होने और राज्य में निवेश प्रभावित होने की आशंका है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंटों की तकनीकी जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई। राजपुर पुलिस ने रविवार को आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की जांच इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी देवेंद्र चौहान को सौंपी गई है।

सरकार का दावा: 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरा

उद्योग विभाग के सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान आए निवेश प्रस्तावों में से अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि राज्य में निवेश से संबंधित आंकड़े पारदर्शी हैं और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सरकार का पक्ष है कि निवेश की प्रगति को लेकर आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर जानकारी देखी जानी चाहिए।

राहुल गांधी ने निवेश के दावों पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उत्तराखंड सरकार पर निवेश के नाम पर कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 1,779 समझौता ज्ञापन (MoU) होने का दावा किया गया था और रोड शो पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। राहुल गांधी ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के धरातल पर उतरने के सरकारी दावे पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कुछ छोटे कारोबारों और प्रतिष्ठानों को भी निवेशकों की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बताए गए निवेश में सरकारी बिजली कंपनियों से जुड़ी बड़ी राशि शामिल है और कुछ निवेश परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल हैं। राहुल गांधी ने राज्य सरकार से करीब 3,300 निवेशकों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की। ये सभी आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं; इनकी पुष्टि और वास्तविक स्थिति का आकलन संबंधित दस्तावेजों तथा आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना होगा।

भाजपा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस डिजिटल मीडिया रिपोर्ट का हवाला दे रहे हैं, उसके संबंध में राज्य सरकार पहले ही कानूनी कार्रवाई कर चुकी है। भट्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे और इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने छोटे उद्योगों और कारोबारियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) भी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके अनुसार, छोटे व्यवसायों के निवेश को नकारना उन कारोबारियों के प्रयासों की अनदेखी होगी। इस तरह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश आंकड़ों, परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति और सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।