Protest before Kedarnath Yatra: Traders on hunger strike over shop allotment
Kedarnath Temple यात्रा शुरू होने से पहले Gaurikund–केदारनाथ पैदल मार्ग पर traders protest तेज हो गया है। कच्ची दुकानों के tender process को लेकर नाराज व्यापारियों ने तहसील परिसर में indefinite hunger strike (आमरण अनशन) शुरू कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
व्यापारियों का कहना है कि:
प्रशासन ने दुकानों के आवंटन के लिए lottery system लागू करने का फैसला लिया
उनकी पुरानी मांगों को नजरअंदाज किया गया
इससे उनकी livelihood (आजीविका) पर सीधा असर पड़ेगा
इसी के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी अनशन पर बैठ गए हैं।
CM के आश्वासन का हवाला
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि Pushkar Singh Dhami ने 2024 में:
5 साल तक दुकानों का संचालन जारी रखने का वादा किया था
लेकिन अब लिया गया नया फैसला उस आश्वासन के खिलाफ बताया जा रहा है।
आंदोलन को मिला समर्थन
इस आंदोलन को स्थानीय नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है:
क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला
व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट
उन्होंने प्रशासन से quick resolution निकालने की अपील की है।
क्यों बढ़ा विवाद?
व्यापारियों के अनुसार:
कच्ची दुकानें ही उनकी main income source हैं
नए नियम से वे दुकान खो सकते हैं
इससे उनके परिवारों पर economic crisis आ सकता है
प्रशासन के खिलाफ सख्त चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है:
जब तक tender cancel नहीं होगा, अनशन जारी रहेगा
जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा
कौन-कौन बैठे अनशन पर?
अनशन के पहले दिन कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें:
संदीप पुष्वाण
वीरेन्द्र सिंह कोटवाल
जसवंत सिंह बिष्ट
यशपाल सिंह पंवार
जसपाल सिंह पंवार
साथ ही कई अन्य व्यापारी भी मौके पर मौजूद रहे।
Uttarakhand में Kedarnath Yatra 2026 से पहले यह विवाद प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।