MT Jalveer Attack: अमेरिकी सेना की कार्रवाई में फंसे भारतीय नाविक, भारत ने उठाया बड़ा कदम

Middle East Crisis और US-Iran Tensions के बीच ओमान तट के पास हुए एक बड़े घटनाक्रम ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी प्रशासन ने स्वीकार किया है कि उसने Gulf of Oman में एक वाणिज्यिक जहाज पर कार्रवाई करते हुए दो Hellfire Missiles दागे थे। इस घटना में भारतीय नाविकों की मौत और कई अन्य समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

अमेरिका ने माना हमला

अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) के अनुसार, 10 जून की रात Gulf of Oman में Guinea-Bissau Flag वाले टैंकर MT Jalveer को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था और अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था।

CENTCOM ने कहा कि जहाज को रोकने के लिए एक अमेरिकी विमान से दो Hellfire Missiles दागे गए, जिनका निशाना जहाज का इंजन रूम था।

4 दिन में तीसरा जहाज बना निशाना

MT Jalveer पिछले चार दिनों में अमेरिकी कार्रवाई का शिकार बनने वाला तीसरा वाणिज्यिक जहाज है। इससे पहले M/T Marivex और M/T Settebello नामक टैंकरों पर भी कार्रवाई की गई थी।

विशेष चिंता की बात यह है कि तीनों जहाजों पर भारतीय नाविक मौजूद थे। MT Jalveer पर कुल 20 भारतीय क्रू सदस्य सवार बताए गए हैं।

3 भारतीय नाविकों की मौत

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दुखद खबर M/T Settebello से सामने आई, जहां पहले लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव बरामद होने के बाद उनकी मौत की पुष्टि हुई।

भारतीय शिपिंग मंत्रालय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने इसे भारतीय समुद्री समुदाय (Maritime Community) के लिए बड़ी क्षति बताया।

भारत ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया विरोध

भारत सरकार ने भारतीय नाविकों को प्रभावित करने वाली इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने ओमान तट के पास जहाज पर हुए हमले की निंदा की है और इस घटना में भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनयिक अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध (Diplomatic Protest) भी दर्ज कराया है।

सुरक्षित निकाले गए बाकी क्रू सदस्य

शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, M/T Settebello पर मौजूद शेष 25 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें 21 भारतीय, 2 पाकिस्तानी, 1 रूसी और 1 यूक्रेनी नागरिक शामिल थे।

सरकार ने मृत भारतीय नाविकों के परिवारों को Seamen Welfare Fund Society के माध्यम से 10-10 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है।

Strait of Hormuz में बढ़ी चिंता

US-Iran Conflict के बीच Strait of Hormuz और Gulf of Oman दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में शामिल हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में लगातार हो रहे हमले न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि Global Oil Market और International Shipping Industry के लिए भी गंभीर चिंता का विषय हैं।

CENTCOM ने क्या कहा?

CENTCOM के अनुसार, अप्रैल से लागू समुद्री नाकेबंदी (Blockade) के दौरान अमेरिकी बलों ने अब तक नौ जहाजों को निष्क्रिय किया है, 135 जहाजों को दिशा बदलने के निर्देश दिए हैं और 42 मानवीय सहायता (Humanitarian Aid) ले जाने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है।

अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों से होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखना है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बढ़े सवाल

लगातार चार दिनों में भारतीय क्रू वाले तीन जहाजों पर हुई कार्रवाई ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि West Asia Conflict के बढ़ते दायरे का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और भारतीय समुद्री कर्मियों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

आने वाले दिनों में भारत की कूटनीतिक पहल और इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।