Monsoon Disaster Preparedness: उत्तराखंड में एक साथ 70 जगहों पर होगा राहत-बचाव अभ्यास

देहरादून। मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर 2 जुलाई को राज्य के सभी 13 जिलों में एक साथ State-Level Monsoon Mock Drill आयोजित की जाएगी। इस दौरान करीब 70 चिन्हित स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कर आपदा प्रबंधन तंत्र की क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का परीक्षण किया जाएगा।

70 नए स्थानों पर होगा आपदा प्रबंधन का परीक्षण

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव Vinod Kumar Suman की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभ्यास को पूरी गंभीरता और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप संचालित किया जाए।

अधिकारियों के अनुसार, इस बार राज्य के सभी जिलों में लगभग 70 नए स्थानों का चयन किया गया है। जिन क्षेत्रों में पहले मॉक ड्रिल आयोजित की जा चुकी है, उन्हें इस बार शामिल नहीं किया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक क्षेत्रों में Disaster Response System की तैयारियों को परखना है।

30 जून को होगी Table Top Exercise

राज्यव्यापी मॉक ड्रिल से पहले 30 जून को Table Top Exercise आयोजित की जाएगी। इस दौरान सभी जिलों द्वारा उपलब्ध संसाधनों, मानवबल, राहत एवं बचाव योजनाओं, उपकरणों और आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।

इसके बाद 2 जुलाई को फील्ड स्तर पर वास्तविक परिस्थितियों की तर्ज पर Field Mock Drill आयोजित की जाएगी, जो Incident Response System (IRS) के तहत संचालित होगी।

राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की होगी जांच

मॉक ड्रिल के दौरान राहत शिविरों की स्थापना और संचालन का भी अभ्यास किया जाएगा। इन शिविरों में:

बिजली और पेयजल व्यवस्था
भोजन और शिशु आहार
प्राथमिक उपचार सुविधाएं
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा

जैसी व्यवस्थाओं को रियल टाइम में परखा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और होमगार्ड कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर

राज्य सरकार इस बार Community-Based Disaster Management को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी आपदा के दौरान स्थानीय समुदाय सबसे पहले प्रतिक्रिया देता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए मॉक ड्रिल में:

पूर्व सैनिक
पूर्व अर्द्धसैनिक बलों के जवान
आपदा मित्र
स्वयंसेवी संगठन
NCC
NSS
रेड क्रॉस

और अन्य सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगेगी

मॉक ड्रिल और टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान State Disaster Response Force (SDRF), National Disaster Response Force (NDRF), पुलिस, अग्निशमन सेवा और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आधुनिक आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

इसमें:

Search and Rescue Equipment
Emergency Communication Systems
Disaster Response Vehicles
Rescue Technologies

का प्रदर्शन किया जाएगा।

मानसून आपदाओं से निपटने की तैयारी

इस अभ्यास में भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना और अन्य Monsoon Disaster Scenarios को शामिल किया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।