CM धामी के साथ मंत्री रेखा आर्या ने किया छात्राओं का सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर

देहरादून: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) के अवसर पर उत्तराखंड की मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटीटी सभागार में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या शामिल हुए। इस दौरान उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी छात्राओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया गया।

जिले और विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मान

कार्यक्रम में उन छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। इनमें जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं के साथ विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाली मेधावी बालिकाएं भी शामिल रहीं।

छात्राओं को स्मार्टफोन देकर प्रोत्साहित करने का उद्देश्य उनकी उपलब्धियों को पहचान देना और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उनका उत्साह बढ़ाना रहा। डिजिटल शिक्षा के दौर में स्मार्टफोन पढ़ाई से जुड़ी जानकारी और शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच बनाने में भी मददगार हो सकता है।
बालिकाओं की प्रतिभा को पहचानने का अवसर है अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: रेखा आर्या
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि International Day of the Girl Child केवल बालिकाओं के सशक्तिकरण का अवसर नहीं है, बल्कि उनकी प्रतिभा, क्षमता और उपलब्धियों को पहचानने का भी दिन है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बालिकाओं को बेहतर शिक्षा, समान अवसर और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को पूरा कर सकें। शिक्षित और सशक्त बेटियां विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

उपलब्धि को अंतिम मंजिल नहीं, नई शुरुआत मानें बेटियां

मंत्री रेखा आर्या ने सम्मानित छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें अपनी उपलब्धियों को अंतिम मंजिल नहीं समझना चाहिए, बल्कि इसे आगे बढ़ने की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से निरंतर मेहनत करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के जरिए बालिका शिक्षा (Girl Child Education), महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) और डिजिटल शिक्षा (Digital Education) के महत्व को भी रेखांकित किया गया। मेधावी छात्राओं का सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनकी मेहनत को पहचान देने और अन्य बालिकाओं को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक पहल है।