Punjab Government का बड़ा U-Turn! जिस G RAM G Scheme का किया था विरोध, अब उसी को किया लागू

Punjab News: पंजाब की Bhagwant Mann Government ने केंद्र की G RAM G Scheme (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission – Gramin) को लेकर अपने पुराने रुख से बड़ा बदलाव किया है। जिस योजना का कुछ महीने पहले विधानसभा में विरोध किया गया था, अब वही योजना 1 जुलाई से पूरे राज्य में लागू कर दी गई है। इस फैसले को पंजाब की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, केंद्र से मिलने वाले फंड और 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

1 जुलाई से पूरे पंजाब में लागू हुई G RAM G Scheme

ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने Official Notification जारी करते हुए राज्य में G RAM G Scheme लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला उस समय आया है, जब सरकार पहले इस कानून को किसानों, मजदूरों और ग्रामीण हितों के खिलाफ बताकर विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर चुकी थी।

अब सरकार का कहना है कि योजना लागू न करने से राज्य को केंद्र से मिलने वाले सैकड़ों करोड़ रुपये के फंड का नुकसान उठाना पड़ता, जिसका सीधा असर ग्रामीण रोजगार पर पड़ता।

Punjab Financial Crisis बना सबसे बड़ा कारण

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह पंजाब की खराब वित्तीय स्थिति है। यदि योजना लागू नहीं की जाती तो राज्य को केंद्र से मिलने वाले करीब 750 से 800 करोड़ रुपये का केंद्रीय सहयोग नहीं मिलता।

बताया जा रहा है कि योजना का कुल वार्षिक बजट करीब 1,250 से 1,300 करोड़ रुपये रहेगा। इसमें लगभग 500 करोड़ रुपये पंजाब सरकार को अपने हिस्से के रूप में खर्च करने होंगे।

सरकार का तर्क है कि आर्थिक दबाव के बावजूद ग्रामीण परिवारों को रोजगार से वंचित नहीं किया जा सकता।

क्या है G RAM G Scheme?

G RAM G Scheme केंद्र सरकार की ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसने पुराने MGNREGA (मनरेगा) मॉडल की जगह ली है।

इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को हर वर्ष 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि सबसे बड़ा बदलाव इसके Funding Pattern में किया गया है।

पहले MGNREGA में मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी।
सामग्री और प्रशासनिक खर्च का अधिकांश हिस्सा भी केंद्र देता था।
नई G RAM G Scheme में केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 कर दिया गया है।

इसी बदलाव का पंजाब सरकार ने पहले कड़ा विरोध किया था।

पहले विधानसभा में किया था विरोध

दिसंबर 2025 में पंजाब विधानसभा ने विशेष सत्र बुलाकर G RAM G Act को वापस लेने की मांग करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था।

उस समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस योजना को गरीबों, किसानों, महिलाओं और मजदूरों के हितों के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने का आरोप लगाया था।

लेकिन अब वही सरकार व्यावहारिक जरूरतों का हवाला देते हुए इसे लागू कर चुकी है।

बढ़ते कर्ज ने बढ़ाई सरकार की मुश्किल

पंजाब की आर्थिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

बजट दस्तावेजों के अनुसार—

राज्य पर कुल कर्ज 4.07 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
अगले वित्तीय वर्ष में यह बढ़कर 4.47 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
सरकार की आय का बड़ा हिस्सा कर्ज और ब्याज चुकाने में खर्च हो रहा है।
वहीं सब्सिडी पर भी हजारों करोड़ रुपये का बोझ बना हुआ है।

इसी बीच सरकार ने महिलाओं के लिए नई Mawan Dhiyan Satkar Yojana भी शुरू की है, जिसके लिए अलग से बड़ा बजट निर्धारित किया गया है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

Congress और Shiromani Akali Dal (SAD) ने इस फैसले को सरकार का बड़ा Policy U-Turn बताया है।

विपक्ष का कहना है कि यदि योजना गलत थी तो अब इसे लागू क्यों किया गया? वहीं यदि यह सही थी तो विधानसभा में इसका विरोध क्यों किया गया था।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार से इस बदलाव पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण मांगा है, जबकि अकाली दल ने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया है।

सरकार ने दिया अपना पक्ष

राज्य सरकार का कहना है कि उसका वैचारिक विरोध आज भी बरकरार है, लेकिन ग्रामीण मजदूरों के हितों को देखते हुए योजना लागू करना आवश्यक था।

सरकार का कहना है कि यदि योजना लागू नहीं होती तो हजारों ग्रामीण परिवार रोजगार और केंद्र से मिलने वाले फंड से वंचित हो जाते। इसी वजह से व्यावहारिक निर्णय लेते हुए इसे लागू किया गया।