मसूरी में बड़ा सड़क हादसा: अनियंत्रित कार गहरी खाई में गिरी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मसूरी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। झड़ीपानी रोड स्थित बार्लोगंज क्षेत्र में एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि कार में चार लोग सवार थे।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना मसूरी को सूचना मिली कि झड़ीपानी रोड पर एक कार तीव्र ढलान से अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत एजेंसियों की टीम मौके के लिए रवाना हुई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले कार सवारों ने पास की एक दुकान से सामान खरीदा था। बातचीत के दौरान उन्होंने खुद को उत्तरकाशी का निवासी बताया था। सामान खरीदने के बाद जैसे ही वे कार में बैठे, वाहन तेज ढलान की ओर बढ़ने लगा और चालक नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार एक खाली प्लॉट से गुजरते हुए गहरी खाई में जा गिरी।

ब्रेक फेल होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में दुर्घटना की वजह वाहन के ब्रेक फेल होना बताई जा रही है। तीव्र ढलान पर कार का संतुलन बिगड़ने के बाद चालक उसे नियंत्रित नहीं कर सका और हादसा हो गया। हालांकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

कार में कौन-कौन था सवार?

पुलिस के अनुसार कार में चार लोग सवार थे, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है—

सत्यप्रकाश, निवासी सोनीपत
मनीत (19 वर्ष)
सविता, पत्नी धर्मवीर, निवासी नेहरू नगर, गाजियाबाद (48 वर्ष)
संगीता, पत्नी टीटू, निवासी करोलबाग, दिल्ली (46 वर्ष)

रेस्क्यू अभियान के दौरान एक महिला का शव खाई से बरामद किया गया। अन्य घायलों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी रहे।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना मसूरी पुलिस, क्षेत्राधिकारी मसूरी तथा पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून भी मौके पर पहुंचे। SDRF और फायर सर्विस की टीमों ने कठिन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया।

पहाड़ी सड़कों पर सावधानी जरूरी

मानसून और पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान वाहन की तकनीकी जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष रूप से तीव्र ढलान वाले मार्गों पर ब्रेक सिस्टम की नियमित जांच दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।