Local doctors are leaving the hills, but physicians from other states are becoming a source of hope for the people.
National Doctors Day 2026: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बेहतर Healthcare Services उपलब्ध कराना आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। जहां एक ओर राज्य के कई स्थानीय डॉक्टर पहाड़ी जिलों में तैनाती से बचने की कोशिश करते हैं, वहीं दूसरी ओर देश के अलग-अलग राज्यों और मैदानी क्षेत्रों से आए कई चिकित्सकों ने उत्तराखंड के पहाड़ों को अपनी Karmabhoomi बना लिया है। वर्षों से ये डॉक्टर दूरस्थ इलाकों में मरीजों का इलाज कर स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी बने हुए हैं।
Dr. Shiv Mohan Shukla: दो दशक से पहाड़ की स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत आधार
उत्तर प्रदेश के अमेठी निवासी Dr. Shiv Mohan Shukla वर्तमान में पौड़ी के Chief Medical Officer (CMO) हैं। वर्ष 2014 से पौड़ी में सेवाएं दे रहे डॉ. शुक्ला इससे पहले करीब 14 वर्षों तक चंपावत में कार्यरत रहे। पेशे से Radiologist रहे डॉ. शुक्ला ने पिथौरागढ़ समेत कई पर्वतीय जिलों के अस्पतालों में अपनी सेवाएं दी हैं और आज भी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
Dr. Ajay Goyal: पहाड़ के लोगों का सम्मान बना यहां रुकने की वजह
मथुरा के रहने वाले Dr. Ajay Goyal वर्ष 2010 से श्रीनगर में कार्यरत हैं। MD Physician होने के साथ-साथ वह संयुक्त अस्पताल के Chief Medical Superintendent (CMS) भी हैं। उनका कहना है कि पहाड़ के लोगों का सम्मान और अपनापन ही उन्हें यहां लगातार सेवा देने के लिए प्रेरित करता है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें चमोली में भी सेवाएं देने का प्रस्ताव मिल चुका है।
Dr. Harendra Kumar Yadav: दो दशक से उत्तरकाशी के लोगों की सेवा में समर्पित
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी Dr. Harendra Kumar Yadav वर्ष 2003 से उत्तरकाशी जिले में सेवाएं दे रहे हैं। पीजी की पढ़ाई के दो वर्षों को छोड़ दें तो उन्होंने अपना अधिकांश कार्यकाल पहाड़ के अस्पतालों में बिताया है। एक Radiologist के रूप में उनका कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में मरीजों की सेवा करना उनके लिए केवल नौकरी नहीं बल्कि जिम्मेदारी है।
Dr. Shailendra Dwivedi: रुद्रप्रयाग को ही बना लिया अपनी कर्मभूमि
गोरखपुर के रहने वाले Dr. Shailendra Dwivedi वर्ष 2016 से रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। शुरुआती नियुक्ति जौनसार क्षेत्र में हुई थी, लेकिन बाद में उन्होंने रुद्रप्रयाग को ही अपनी स्थायी कर्मभूमि बना लिया। वर्तमान में वह जिला अस्पताल के CMS हैं और उनका मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देना सबसे संतोषजनक अनुभव है।
Dr. Amit Rai: टिहरी की सेवा ही बना जीवन का उद्देश्य
वाराणसी में जन्मे Dr. Amit Rai वर्ष 2015 से टिहरी जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में वह अस्पताल के Chief Medical Superintendent हैं। अपने सरल व्यवहार और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण स्थानीय लोगों के बीच उनकी अच्छी पहचान है। उनकी पत्नी Dr. Rakhi Gusain भी इसी अस्पताल में महिला चिकित्साधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
Retirement के बाद भी नहीं छोड़ी मरीजों की सेवा
मेरठ निवासी Dr. Rajeev Sharma और उनकी पत्नी Dr. Uma Sharma ने अपने पूरे सरकारी सेवा काल का बड़ा हिस्सा कर्णप्रयाग उप जिला अस्पताल में बिताया। सेवानिवृत्ति के बाद भी दोनों ने पहाड़ छोड़ने के बजाय मरीजों की सेवा जारी रखने का निर्णय लिया। आज भी दोनों चिकित्सक अस्पताल में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं।
पहाड़ों की Healthcare System को मिल रहा मजबूत सहारा
उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता हमेशा चुनौती रही है। ऐसे में दूसरे राज्यों से आए इन चिकित्सकों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दी है, बल्कि स्थानीय लोगों का विश्वास भी जीता है। National Doctors Day 2026 पर इन डॉक्टरों की प्रतिबद्धता यह संदेश देती है कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति समर्पण का सबसे बड़ा माध्यम है।