Kumbh 2027 Preparation: गंगा कॉरिडोर के जरिए बदलेगा हरिद्वार का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर

Uttarakhand में religious tourism और infrastructure development को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने Ganga-Sharda Corridor Project को प्राथमिकता बताते हुए तीन भव्य riverfront development projects की घोषणा की है।

इस योजना के तहत Rishikesh, Haridwar और Tanakpur में आधुनिक सुविधाओं से लैस रिवर फ्रंट विकसित किए जाएंगे।

किन-किन जगहों पर होगा विकास?

इस mega corridor project के तहत:

Rishikesh और Haridwar में Ganga Riverfront

Tanakpur (जिला चंपावत) में Sharda Riverfront

सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए budget allocation भी कर दिया है और जल्द ही निर्माण कार्य तेज किया जाएगा।

क्या होंगे मुख्य फायदे?

इस riverfront development से कई बड़े फायदे देखने को मिलेंगे:

1. Religious Tourism Boost

गंगा और शारदा नदी किनारे modern facilities

श्रद्धालुओं के लिए बेहतर amenities & accessibility

2. Local Economy Growth

Tourism industry को बढ़ावा

स्थानीय लोगों के लिए employment opportunities

3. Infrastructure Improvement

बेहतर roads, parking, transport system

शहरों का beautification & urban development

Kumbh 2027 की तैयारी तेज

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बताया कि Kumbh Mela 2027 को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं पर timeline-based execution किया जा रहा है।

शासन स्तर पर coordination बढ़ाया गया

संत समाज और धार्मिक संगठनों से regular consultation

जरूरत पड़ने पर खुद CM ground inspection करेंगे

Mission Mode में काम करने के निर्देश

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:

Char Dham Yatra और Kanwar Yatra को ध्यान में रखकर प्लानिंग हो

सड़क, पुल, स्वास्थ्य, पानी और ट्रैफिक से जुड़े काम समय पर पूरे हों

निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा न आए

राजनीतिक बयान भी चर्चा में

इस दौरान Pushkar Singh Dhami ने West Bengal की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां लोकतंत्र कमजोर हुआ है और भविष्य में Bharatiya Janata Party की सरकार बनने की संभावना है।
Ganga-Sharda Corridor Project न केवल एक infrastructure project है, बल्कि यह Uttarakhand को global religious tourism destination बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इससे जहां एक ओर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर राज्य की economy और employment sector को भी मजबूत आधार मिलेगा।