Big revelation in ADR Report: Who is the richest and who is the poorest in Rajya Sabha?
देशभर में हुए Rajya Sabha Elections 2026 में National Democratic Alliance (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें एक independent candidate supported by NDA भी शामिल है।
कुल 37 सीटों में से 11 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि 26 उम्मीदवार पहले ही unopposed elected हो चुके थे। नतीजों में NDA ने खासतौर पर Bihar और Odisha में अपनी पकड़ मजबूत की।
बिहार में NDA की बड़ी जीत
Bihar में NDA गठबंधन को बड़ी सफलता मिली। यहां से प्रमुख विजेता रहे:
Nitish Kumar (JDU)
Ramnath Thakur (JDU)
Nitin Naveen (BJP)
Shivesh Kumar (BJP)
Upendra Kushwaha (RLM)
इनमें रामनाथ ठाकुर लगातार तीसरी बार राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि शिवेश कुमार के जरिए भाजपा को एक Dalit representation मिला है।
हरियाणा में BJP और Congress में बराबरी
Haryana की दो सीटों पर मुकाबला दिलचस्प रहा, जहां एक सीट Bharatiya Janata Party और एक Indian National Congress के खाते में गई।
Sanjay Bhatia (BJP)
Karamveer Singh Baudh (Congress)
ओडिशा में क्रॉस-वोटिंग से बदला खेल
Odisha में चार सीटों पर हुए चुनाव में cross voting ने बड़ा असर डाला।
यहां भाजपा ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि Biju Janata Dal (BJD) को 1 सीट मिली। NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Dilip Ray को भी जीत मिली।
मुख्य विजेता:
Manmohan Samal (BJP)
Sujit Kumar (BJP)
Dilip Ray (Independent, NDA supported)
Santrupt Mishra (BJD)
कई राज्यों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
इस बार कई राज्यों में उम्मीदवार बिना मुकाबले ही राज्यसभा पहुंचे, जिसे unopposed election कहा जाता है।
Maharashtra से Sharad Pawar, Ramdas Athawale, Vinod Tawde सहित कई नेता निर्विरोध चुने गए।
Tamil Nadu में Tiruchi Siva और Anbumani Ramadoss समेत छह उम्मीदवार निर्विरोध रहे।
West Bengal में Babul Supriyo और Koel Mallick सहित कई नाम शामिल रहे।
Telangana से Abhishek Manu Singhvi और V Narender Reddy निर्विरोध जीते।
Assam में Jogendra Mohan और Promod Boro समेत सभी सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ।
NDA की रणनीति रही सफल
इस बार के Rajya Sabha poll results में NDA की रणनीति काफी हद तक सफल रही। खासकर cross voting, गठबंधन समीकरण और क्षेत्रीय दलों के समर्थन ने NDA को बढ़त दिलाई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम आने वाले समय में संसद के उच्च सदन में NDA की legislative strength को और मजबूत करेगा।