Haridwar Mining Controversy: पुलिस-खनन मिलीभगत पर सरकार का एक्शन, त्रिवेंद्र रावत का समर्थन

Trivendra Singh Rawat ने उत्तराखंड में illegal mining के खिलाफ राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई की सराहना की है। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा हरिद्वार सांसद का कहना है कि अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दों पर strong administrative action बेहद जरूरी है।

दरअसल, हाल ही में Haridwar जिले में पुलिस और अवैध खनन से जुड़े लोगों के बीच कथित collusion का मामला सामने आया था। मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने संबंधित पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित करने का फैसला लिया। यह कार्रवाई Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर की गई।

पुलिस स्टाफ सस्पेंड करने के फैसले की तारीफ

पूर्व मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat ने कहा कि जब भी प्रशासन या पुलिस के किसी स्तर पर illegal activities में मिलीभगत की शिकायत सामने आती है, तो उस पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उनके अनुसार हरिद्वार में पूरे पुलिस चौकी स्टाफ को सस्पेंड करना सरकार का एक strong message है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य सरकार illegal mining crackdown को लेकर गंभीर है।

पहले भी उठाते रहे हैं अवैध खनन का मुद्दा

गौरतलब है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत उन नेताओं में रहे हैं जो लंबे समय से उत्तराखंड में mining mafia और अवैध खनन के मुद्दे को उठाते रहे हैं।

मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने कई बार इस विषय पर सख्ती की बात कही थी। पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने विभिन्न मंचों और यहां तक कि संसद में भी illegal mining issue in Uttarakhand को उठाया और इसे राज्य के लिए गंभीर चुनौती बताया।

अवैध खनन से जुड़ा चौंकाने वाला आंकड़ा

अपने बयान में रावत ने एक चिंताजनक आंकड़ा भी साझा किया। उनका दावा है कि पिछले दो वर्षों में उत्तराखंड में illegal mining activities से जुड़े हादसों में करीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है और बताता है कि अवैध खनन केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि law and order, public safety और environment protection से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।

केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई से नहीं रुकेगा mining mafia

रावत ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई केवल छोटे स्तर के लोगों या मजदूरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। असली समाधान तभी होगा जब प्रशासन इस पूरे illegal mining network के पीछे काम कर रहे बड़े लोगों और संगठित गिरोहों तक पहुंचे।

प्रशासनिक निगरानी मजबूत करने की जरूरत

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार की मंशा स्पष्ट हो और प्रशासनिक तंत्र पूरी ईमानदारी से काम करे, तो illegal mining control काफी हद तक संभव है।

इसके लिए पुलिस, प्रशासन, खनन विभाग और स्थानीय निगरानी तंत्र को मजबूत करना जरूरी है। हरिद्वार में सामने आए हालिया मामले और उस पर सरकार की कार्रवाई ने एक बार फिर उत्तराखंड में illegal mining debate को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।