उत्तराखंड BJP में बयान पर विवाद, सौरभ बहुगुणा ने जताई नाराजगी

उत्तराखंड भाजपा में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान के ‘गधे-घोड़ों’ वाले बयान को लेकर विवाद गहरा गया है। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से मामले को गंभीरता से लेने की सलाह भी दी है।

मनवीर चौहान के बयान से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान की उस टिप्पणी से हुई, जिसमें उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं के विचारों की तुलना ‘गधे-घोड़ों’ से की थी। उनके बयान के मुताबिक, कांग्रेस में रहते हुए इन नेताओं के विचार ऐसे थे, जबकि भाजपा में आने के बाद उनमें बदलाव आया।
इस टिप्पणी के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। इसकी वजह यह भी है कि उत्तराखंड में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कई नेता संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं।

सौरभ बहुगुणा ने क्या कहा?

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मनवीर चौहान की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि सार्वजनिक और जिम्मेदारी वाले पदों पर बैठे लोगों को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। उनके अनुसार, इस तरह की भाषा से बचना जरूरी है।

बहुगुणा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से इस मामले पर संज्ञान लेने और उचित कदम उठाने की जरूरत बताई। उनके बयान के बाद पार्टी के भीतर इस टिप्पणी को लेकर मतभेदों की चर्चा और तेज हो गई है।

हरक सिंह रावत ने भी भाजपा पर साधा निशाना

इस विवाद पर कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मनवीर चौहान की टिप्पणी के आधार पर भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए। रावत ने 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बयान को गंभीरता से लेती, तो कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए नेताओं को टिकट नहीं देती।

उन्होंने मनवीर चौहान की राजनीतिक हैसियत पर भी सवाल उठाए और कहा कि भाजपा में कांग्रेस से आए कई नेता मौजूद हैं।

भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

मनवीर चौहान के बयान पर सौरभ बहुगुणा की नाराजगी और हरक सिंह रावत की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर बनी हुई है।