After 5 months, 'Bam Bhole' echoed again, Adi Kailash Yatra started - how to get Inner Line Permit?
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित Adi Kailash और Om Parvat की पवित्र Adi Kailash Yatra 1 मई से आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। करीब पांच महीने के अंतराल के बाद इस Himalayan pilgrimage route पर एक बार फिर ‘बम भोले’ के जयकारे सुनाई देने लगे हैं।
यात्रा की शुरुआत पारंपरिक विधि से Jolingkong स्थित भगवान शिव और माता पार्वती के मंदिर में special पूजा-अर्चना के साथ की गई।
Inner Line Permit अनिवार्य, 80 यात्रियों को मिली अनुमति
यह क्षेत्र भारत-चीन सीमा के पास स्थित एक sensitive border zone है, इसलिए यहां जाने के लिए Inner Line Permit (ILP) लेना अनिवार्य है।
प्रशासन के अनुसार:
28 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई
3 दिनों में 160 आवेदन प्राप्त हुए
अब तक करीब 80 यात्रियों को ILP जारी किया गया
धारचूला प्रशासन द्वारा verification process के बाद ही यात्रियों को यात्रा की अनुमति दी जा रही है।
मंदिर के कपाट खुले, विशेष पूजा के साथ शुरुआत
यात्रा के पहले दिन मंदिर के कपाट खोले गए और विधिवत religious rituals संपन्न किए गए।
हर साल सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण दिसंबर में मंदिर बंद कर दिया जाता है और गर्मियों में दोबारा खोला जाता है। इस बार भी वही परंपरा निभाई गई है।
Kailash Mansarovar Yatra के लिए भी Registration शुरू
इसके साथ ही Kailash Mansarovar की प्रसिद्ध Kailash Mansarovar Yatra के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यात्रा जून से अगस्त के बीच आयोजित होगी
उत्तराखंड के Lipulekh Pass और सिक्किम के Nathu La Pass से यात्रा संचालित होगी
कुल 1000 यात्रियों को अनुमति मिलेगी
हर रूट से 10-10 बैच (groups) जाएंगे
Online Registration Process कैसे करें?
विदेश मंत्रालय ने official website (kmy.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए हैं।
आवेदन पूरी तरह digital और computerized system से होगा
चयन computerized draw system के जरिए किया जाएगा
आवेदकों को किसी प्रकार का offline आवेदन या पत्र भेजने की जरूरत नहीं
क्यों खास है Adi Kailash Yatra?
Adi Kailash को “छोटा कैलाश” भी कहा जाता है और यह धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
यह यात्रा spiritual + adventure tourism का अनोखा मिश्रण है
कठिन रास्तों और ऊंचाई के कारण यह एक high-altitude pilgrimage मानी जाती है
Om Parvat पर बर्फ से बना ‘ॐ’ का प्राकृतिक चिन्ह इसे और भी खास बनाता है
Adi Kailash Yatra 2026 का आगाज न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उत्तराखंड के tourism और pilgrimage economy को भी मजबूती देता है।
हालांकि, इस यात्रा के लिए proper planning, permits और physical preparation बेहद जरूरी हैं, क्योंकि यह एक sensitive और high-altitude border region में आयोजित होती है।