Census Duty से गायब 35 Teachers पर Action—क्या होगी सजा?

उत्तराखंड में Utt (जनगणना 2027) की प्रक्रिया जारी है, जिसमें शुरुआती चरण में House Listing यानी मकानों की गणना की जा रही है। इसी बीच Dehradun से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जनगणना ड्यूटी के लिए नियुक्त 35 शिक्षक training में शामिल ही नहीं हुए।
नगर निगम (Municipal Corporation) ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए इन कर्मचारियों के खिलाफ legal action की तैयारी शुरू कर दी है।

Training Miss और Contact Avoid करने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार:

21 और 23 अप्रैल को आयोजित training sessions में ये कर्मचारी अनुपस्थित रहे

कई कर्मचारियों ने गलत mobile numbers दिए

कुछ लोग फोन कॉल तक रिसीव नहीं कर रहे

यह behavior census duty से बचने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जो कि सरकारी कार्य में बाधा डालने के बराबर है।

FIR की तैयारी: Kotwali में होगी शिकायत

नगर निगम के census charge officer ने इन 35 कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही Kotwali में औपचारिक शिकायत (complaint) दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट नगर निगम को भेजी जाएगी।

Census Act 1948 के तहत क्या है सजा?

इस मामले में Census Act 1948 का हवाला दिया गया है।
इस कानून के अनुसार:

सरकारी ड्यूटी से अनुपस्थित रहना अपराध माना जाता है

दोषी पाए जाने पर fine (जुर्माना) लगाया जा सकता है

गंभीर मामलों में 3 साल तक की जेल भी हो सकती है

क्यों अहम है Census 2027?

Census (जनगणना) किसी भी देश के लिए एक महत्वपूर्ण data collection exercise होती है, जिससे:

population data तैयार होता है

government policies और planning में मदद मिलती है

resource allocation और development planning बेहतर होती है

इसलिए इसमें लापरवाही को प्रशासन बेहद गंभीरता से ले रहा है।

प्रशासन का सख्त रुख

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि:

सभी कर्मचारियों को duty responsibly निभानी होगी

census जैसे national exercise में negligence बर्दाश्त नहीं की जाएगी

दोषियों पर strict action सुनिश्चित किया जाएगा

यह मामला एक clear message देता है कि government duty से बचना आसान नहीं है। Census 2027 जैसे बड़े national project में हर कर्मचारी की जिम्मेदारी तय है, और लापरवाही पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।