Mohammad Shami's sister gets clean chit in MNREGA scam, but mother-in-law will have to recover!
हाल ही में उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हुए मनरेगा घोटाले (Manrega Scam) में क्रिकेटर Mohammad Shami की बहन शबीना और बहनोई को क्लीन चिट (Clean Chit) मिल गई है, जबकि उनकी सास और वर्तमान ग्राम प्रधान गुले आयशा को अपनी Pradhan की कुर्सी गंवानी पड़ी है। इसके साथ ही उनसे लाखों रुपये की Recovery भी की जाएगी।
क्या है Manrega Scam?
मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) भारत सरकार की एक योजना है जो ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार की गारंटी देती है। लेकिन अमरोहा जिले में इस योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा (Fraud) सामने आया, जहां बिना काम किए ही लाखों रुपये की Payment कर दी गई।
जांच में क्या हुआ खुलासा?
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि Mohammad Shami की बहन और बहनोई पर लगे आरोप बेबुनियाद थे, इसलिए उन्हें Clean Chit दी गई है। वहीं, गुले आयशा को ग्राम प्रधान (Village Head) के पद से हटा दिया गया और उनके सभी खाते सीज कर दिए गए। उनसे 8,68,344 रुपये की Recovery की जाएगी।
अफसरों पर भी हुई कार्रवाई
जांच के बाद लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। तीन तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और निलंबन (Suspension) की सिफारिश की गई है। एक पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई है।
मनरेगा की जांच के लिए विशेष अभियान
डीएम निधि गुप्ता ने बताया कि जिले में एक Special Campaign चलाया जाएगा, जिसमें सभी संदिग्ध नामों की जांच की जाएगी। यदि एक ही परिवार के कई सदस्य Manrega में काम कर रहे हैं, तो उनकी भी जांच होगी।
यह घटना Manrega Scheme की कमजोरियों को उजागर करती है और यह साबित करती है कि भ्रष्टाचार (Corruption) पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है। इससे ईमानदार लोगों को भी योजना का लाभ मिलेगा और दोषियों को सजा मिलेगी।