मेरठ, उत्तर प्रदेश: ईद-उल-फितर के मौके पर मेरठ की शाही ईदगाह में सोमवार को नमाज अदा करने के बाद विवाद का माहौल पैदा हो गया। कुछ युवकों ने शाही ईदगाह के बाहर विवादित पोस्टर लहराए, जिसमें लिखा था—”सड़कों पर सिर्फ मुस्लिम नमाज नहीं पढ़ते, अन्य आयोजन भी होते हैं।” इस घटना के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है और आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ईदगाह के बाहर पोस्टर विवाद, प्रशासन अलर्ट
मेरठ के एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सड़क पर नमाज नहीं हुई है। यह पुलिस-प्रशासन और समुदाय के जिम्मेदार लोगों के सामूहिक प्रयास से संभव हुआ। हालांकि, विवादित पोस्टर के कारण माहौल गरमा गया। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
काली पट्टी और फलिस्तीन का समर्थन
ईद की नमाज के दौरान कुछ लोगों ने वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांध रखी थी, जबकि कुछ ने फलिस्तीन के समर्थन में पोस्टर लहराए। पुलिस ने मौके पर कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया और काली पट्टियां उतरवाईं। विवादित पोस्टर के विरोध में हिन्दू संगठनों ने भी सख्त नाराजगी जाहिर की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नमाज के दौरान बैरिकेडिंग और हंगामा
सोमवार सुबह शाही ईदगाह में हजारों की संख्या में नमाजी पहुंचे, जिससे ईदगाह के अंदर जगह की कमी हो गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए और अतिरिक्त भीड़ को फैज-ए-आम कॉलेज और अन्य जगहों पर भेजा। इसी दौरान कुछ लोग बैरिकेडिंग तोड़कर जबरन ईदगाह में घुस गए, जिससे तनाव की स्थिति बन गई।
दरगाह में नमाज के लिए सीढ़ी का सहारा
भीड़ अधिक होने के चलते पुलिस ने बगल की दरगाह में नमाज अदा करने की अनुमति दी। हालांकि, दरगाह का मुख्य गेट बंद होने के कारण नमाजियों ने सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया।
एसएसपी की सख्त चेतावनी
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि शहर में सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं थी, और यह पुलिस-प्रशासन की सतर्कता का नतीजा है। विवादित पोस्टर लहराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।