Gangolihat News: खेल मैदान बना Dumping Zone, देवदार के पेड़ सूखे, बच्चों से छिन गया खेलने का हक!

गंगोलीहाट में खेल मैदान बना Dumping Zone, देवदार के पेड़ों को भारी नुकसान एक तरफ जहां उत्तराखंड सरकार sports infrastructure को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर Gangolihat (गंगोलीहाट) में खेल प्रेमियों के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। यहां PM Shri Rajkiya Inter College Dashai Thal का खेल मैदान अब dumping zone में तब्दील कर दिया गया है।

सैकड़ों बच्चों का छिना खेल का मैदान

यह वही मैदान है जहां सैकड़ों बच्चे रोजाना खेला करते थे और block-level sports competitions का आयोजन होता था। लेकिन अब Gangolihat Multi-Level Parking Project के लिए निकाली जा रही मिट्टी और पत्थरों को यहीं फेंका जा रहा है। नतीजा यह हुआ कि खिलाड़ियों और छात्रों के पास अब खेलने के लिए कोई खुला मैदान नहीं बचा।
इस मैदान के आसपास Vikas Khand Office और Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya भी स्थित हैं। यहां की छात्राएं भी पहले इसी मैदान में खेला करती थीं, लेकिन अब जगह-जगह मलबा और गंदगी फैल चुकी है।

देवदार के पेड़ भी हो रहे हैं बर्बाद

इस dumping activity से सिर्फ खेल सुविधाएं नहीं, बल्कि पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है। मैदान के चारों ओर लगे Cedar Trees (देवदार के पेड़) अब सूखने लगे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई पेड़ पहले ही मलबे में दब चुके हैं और कई सूखने की कगार पर हैं।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि Forest Department न तो इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई कर रहा है। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है।

खिलाड़ियों और छात्रों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय युवा गौरव पंत ने कहा,

“खेल मैदान को dumping zone बना देने से बच्चों और खिलाड़ियों के सामने बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है। कई बार इस ज़ोन को हटाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”

पूर्व प्रधान की चेतावनी – “सड़क पर उतरेंगे”
पूर्व प्रधान मनोज लाल वर्मा ने कहा,

“राजकीय इंटर कॉलेज दशाईथल के इस मैदान का निर्माण बहुत मुश्किलों से हुआ था। अब dumping zone बनाकर मैदान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो हम आंदोलन करेंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि मलबा डालने से मैदान की दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

अभिभावकों ने जताई नाराजगी

स्थानीय अभिभावक जितेंद्र महरा ने कहा,

“अब बच्चों और युवाओं को भर्ती की तैयारी के लिए सड़क पर दौड़ना पड़ता है। Dumping zone हटाया नहीं गया तो अभिभावक और खिलाड़ी मिलकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

स्कूल प्रशासन ने कहा – बिना अनुमति किया गया डंपिंग

GIC दशाईथल के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र चौहान ने बताया,

“हमारे द्वारा dumping की कोई अनुमति नहीं दी गई। खेल मैदान को नुकसान पहुंचाया गया है। इसकी शिकायत हम उच्च अधिकारियों से करेंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।”

वन विभाग ने जिम्मेदारी से किया पल्ला झाड़ा

Gangolihat Forest Officer बृजमोहन टम्टा ने कहा,

“जहां पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, वह स्कूल की निजी भूमि है। इस पर कार्रवाई की जिम्मेदारी भी स्कूल प्रशासन की है।”

Gangolihat playground dumping issue ने स्थानीय खिलाड़ियों, अभिभावकों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी फैला दी है। एक ओर सरकार sports development programs को आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीन पर playground destruction जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही हैं।