धामी कैबिनेट बैठक में 33 प्रस्तावों पर मंजूरी, राज्य सड़क सुरक्षा नीति 2025: पर्वतीय क्षेत्रों में 11 नए एआरटीओ पद सृजित
देहरादून, बुधवार: राज्य विधानसभा के बजट सत्र से पहले बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 33 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें राज्य सड़क सुरक्षा नीति 2025, वनाग्नि प्रबंधन नीति, पूर्व विधायकों की पेंशन में वृद्धि और लैंड बैंक निर्माण जैसे मुद्दों पर निर्णय लिए गए।
राज्य सड़क सुरक्षा नीति 2025 को मिली हरी झंडी
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ती सड़क हादसों को देखते हुए सरकार ने राज्य सड़क सुरक्षा नीति 2025 को स्वीकृति दे दी। इस नई नीति के अंतर्गत पर्वतीय इलाकों में 11 नए एआरटीओ के पद स्थापित किए जाएंगे, ताकि वाहन निरीक्षण और परिवहन व्यवस्था में सुधार किया जा सके। पदों में से आधे पद पदोन्नति के जरिए और शेष सीधी भर्ती द्वारा भरे जाएंगे।
वनाग्नि रोकथाम एवं प्रबंधन नीति पर भी सहमति
वनाग्नि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से वन पंचायतों और मंगल दलों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रस्ताव भी मंजूर कर लिया गया। इसके अंतर्गत वन विभाग द्वारा गठित समितियों को 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे जंगलों में आग को रोकने के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
पूर्व विधायकों की पेंशन में वृद्धि
कैबिनेट ने पूर्व विधायकों की पेंशन को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दिया है। साथ ही, सालाना पेंशन वृद्धि की राशि को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किया गया। सदन की कार्यवाही में शामिल होने वाले विधायकों को मिलने वाले यात्रा भत्ते में भी 4 रुपये प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई।
लैंड बैंक निर्माण हेतु पहल
राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में सुनियोजित टाउनशिप के विकास को ध्यान में रखते हुए दो टाउनशिप के लिए लैंड बैंक बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
केदारनाथ-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोपवे निर्माण हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्र सरकार के संज्ञान में भेजने की स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की यात्रा में भी सुगमता आएगी।
निर्वाचन विभाग का ढांचा पुनर्गठन
चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन विभाग के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
सैनिक कल्याण विभाग को निःशुल्क भूमि आवंटन
कैबिनेट ने सैनिक कल्याण विभाग की मांग पर सहमति जताते हुए उन्हें निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ विकसित करने में मदद मिलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- राज्य में विकास कार्यों में आ रही अड़चनों को दूर करने हेतु विधानसभा में एक घंटे की विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी।
- पर्यटन, उद्योग, आवास और ऊर्जा विभाग से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
- खुरपिया फार्म की जमीन को आवासीय भूमि में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बैठक के पश्चात बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया गया है।