देहरादून में एक बड़े भूमि धोखाधड़ी मामले में 16 पूर्व सैनिकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ये सभी द सैनिक सहकारी आवास समिति लिमिटेड, डिफेंस कॉलोनी के पदाधिकारी रह चुके हैं। आरोप है कि इन अधिकारियों ने डिफेंस कॉलोनी की खुली भूमि को धोखाधड़ी से बेच दिया, जिस पर पार्क और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाना था।
मुख्य बिंदु:
- डिफेंस कॉलोनी की खुली भूमि को अवैध रूप से बेचा गया।
- आरोपियों ने भूमि के दस्तावेजों में हेरफेर करके प्लॉट तैयार किए और सर्किल रेट से भी कम कीमत पर उन्हें बेचा।
- 16 व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया, जिनमें 15 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी शामिल हैं।
घटना का विवरण: शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त कर्नल रमेश प्रसाद ने एसओ नेहरू कॉलोनी संजीत कुमार के पास धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने 16 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इन आरोपियों में द सैनिक सहकारी आवास समिति के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल आरएस कली, वीरभान सिंह, सेवानिवृत्त कर्नल एसम गुसाईं, सेवानिवृत्त कर्नल आरएस पैन्यूली, सेवानिवृत्त पीओएमए वीके नौटियाल, पूर्व कैप्टन टीपी कुंडलिया, सेवानिवृत्त कमांडेंट एसएस रावत, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल एएस कंडारी, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल पीएस राणा, पूर्व कर्नल एसएल पैन्यूली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल सीपी सती, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल जीएस बिष्ट, सेवानिवृत्त स्क्वार्डन लीडर एसएस बिष्ट, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल एसपीएस नेगी, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट एएस बिष्ट और सेवानिवृत्त मेजर एमएस नेगी शामिल हैं।
भूमि का गलत उपयोग: डिफेंस कॉलोनी के अधिकारियों ने उस भूमि का गलत उपयोग किया, जिस पर पहले पार्क और अन्य सुविधाओं के निर्माण का प्रस्ताव था। उन्होंने दस्तावेजों में हेरफेर करके उस भूमि को आवासीय प्लॉट में बदल दिया और फिर इन्हें अवैध रूप से बेच दिया। आरोप है कि इन प्लॉटों को सर्किल रेट से भी कम कीमत पर बेचा गया, जिससे उन्हें अनियमित और अनुचित लाभ हुआ।
यह मामला सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है, और मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।