10 करोड़ के इंश्योरेंस के लिए रची अपनी मौत की कहानी, श्मशान की फर्जी रसीद से खुला राज

देहरादून में करीब 10 करोड़ रुपये के लाइफ इंश्योरेंस की रकम हासिल करने के लिए कथित तौर पर एक व्यक्ति की फर्जी मौत दिखाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए श्मशानघाट की नकली रसीद तक आवेदन के साथ लगा दी गई। हालांकि, जब बीमा कंपनी की जांच एजेंसी ने अंतिम संस्कार का रिकॉर्ड खंगाला तो वहां संबंधित व्यक्ति का नाम नहीं मिला। अब नगर निगम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अमेरिका में कराया था करीब 10 करोड़ का लाइफ इंश्योरेंस

जानकारी के मुताबिक, देहरादून का एक परिवार पिछले सात-आठ वर्षों से अमेरिका में रह रहा है। परिवार के एक सदस्य ने वहां करीब 10 करोड़ रुपये का लाइफ इंश्योरेंस कराया था। बताया जा रहा है कि परिवार फरवरी में एक आयोजन में शामिल होने के लिए देहरादून स्थित अपने घर आया था।

इसके बाद संबंधित व्यक्ति की मृत्यु 21 मार्च 2026 को होना दर्शाते हुए नगर निगम में मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया गया। आवेदन में अंतिम संस्कार से संबंधित रसीद सहित जरूरी दस्तावेज भी लगाए गए थे।

श्मशानघाट के रिकॉर्ड में नहीं मिला अंतिम संस्कार का विवरण

मामले में संदेह होने पर अमेरिकी बीमा कंपनी की भारतीय जांच एजेंसी डिलिजेंस इंटरनेशनल के पदाधिकारियों ने करीब एक सप्ताह पहले नगर निगम में शिकायत दी। एजेंसी की जांच में संबंधित व्यक्ति की मौत की पुष्टि नहीं हो सकी।

जांच के दौरान चंद्रबनी श्मशानघाट के रिकॉर्ड भी देखे गए, लेकिन वहां संबंधित व्यक्ति के अंतिम संस्कार का कोई विवरण नहीं मिला। इसके बाद नगर निगम की जांच में मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन के साथ जमा कराई गई अंतिम संस्कार की रसीद भी संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि रसीद को श्मशानघाट की असली रसीद की तरह तैयार किया गया था।

आवेदक को नोटिस, जवाब नहीं मिला तो हो सकती है FIR

मामले को संदिग्ध मानते हुए मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला के निर्देश पर संबंधित आवेदक को नोटिस जारी किया गया है। नगर निगम ने एक सप्ताह के भीतर लिखित जवाब मांगा है।

अधिकारियों के मुताबिक, यदि आवेदक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो मामले में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के नियम होंगे सख्त

इस मामले के सामने आने के बाद नगर निगम जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत प्रमाण पत्र से संबंधित फीस ऑनलाइन जमा कराने की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि देहरादून में पहले भी फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के मामले सामने आ चुके हैं। जांच के बाद ऐसे प्रमाण पत्र निरस्त किए गए थे। नए मामले के बाद दस्तावेजों की जांच और आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए क्या हैं नियम?

नगर निगम के मौजूदा नियमों के अनुसार, मृत्यु के 21 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने पर अंतिम संस्कार की रसीद के साथ मृतक और आवेदक के आधार कार्ड की प्रतियां जमा करनी होती हैं।

यदि 21 दिन के बाद आवेदन किया जाता है तो शपथ पत्र और डेथ डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट देना जरूरी होता है। वहीं, मृत्यु के एक साल बाद प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ एसडीएम स्तर से जांच भी कराई जाती है।

फिलहाल नगर निगम की जांच इस बात पर केंद्रित है कि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए संदिग्ध दस्तावेज किसने और किस आधार पर जमा किए।