30 साल से बंद घोड़ा फैक्टरी की जमीन पर बनेगा IT Park, हजारों युवाओं को रोजगार की उम्मीद

उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को गति देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से धामी सरकार ने एक अहम पहल की है। राजधानी देहरादून के बालावाला क्षेत्र में आईटी पार्क या बिजनेस पार्क विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए करीब 30 साल से बंद पड़ी घोड़ा फैक्टरी की 35.7 एकड़ जमीन राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। यदि भूमि हस्तांतरण और परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो इस क्षेत्र में निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

CM धामी ने JP नड्डा को लिखा पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर बालावाला स्थित जमीन राज्य सरकार को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्य सरकार का उद्देश्य लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी जमीन का इस्तेमाल औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करना है। हालांकि, अभी जमीन का हस्तांतरण पूरा होना और प्रस्तावित पार्क को अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

करीब 30 साल से बंद पड़ी है घोड़ा फैक्टरी

देहरादून के बालावाला क्षेत्र में स्थित बंगाल इम्युनिटी लिमिटेड की घोड़ा फैक्टरी लंबे समय से बंद है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी के दिवालिया होने और वित्तीय देनदारियों के कारण यह इकाई करीब तीन दशक से निष्क्रिय पड़ी है।

इस संपत्ति से जुड़ी प्रक्रिया राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT), कोलकाता पीठ के निर्देशों और भारत सरकार के औषध विभाग से संबंधित मामलों से भी जुड़ी है। अब इस जमीन का इस्तेमाल नए औद्योगिक विकास के लिए करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

IT और बिजनेस कंपनियों को मिल सकता है मौका

प्रस्तावित आईटी पार्क या बिजनेस पार्क विकसित होने से सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को देहरादून में अपने कामकाज का विस्तार करने का अवसर मिल सकता है। इससे तकनीकी सेवाओं, परिवहन, सुरक्षा, रखरखाव और अन्य सहायक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

हालांकि, परियोजना से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, इस बारे में अभी कोई निश्चित आंकड़ा सामने नहीं आया है। रोजगार की वास्तविक संभावनाएं पार्क के स्वरूप, निवेश, स्थापित होने वाली कंपनियों और परियोजना के आकार पर निर्भर करेंगी।

कनेक्टिविटी बेहतर करने की भी तैयारी

प्रस्तावित पार्क तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत सोंग नदी पर प्रस्तावित लच्छीवाला-थानो फोरलेन एलिवेटेड मार्ग को पार्क से जोड़ने का प्रस्ताव है। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

उद्योग विभाग में दायित्वधारी शांतनु बिष्ट के अनुसार, राज्य सरकार निवेशक सम्मेलन के दौरान हुए समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए प्रयास कर रही है। बालावाला में प्रस्तावित पार्क की योजना को भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

भूमि हस्तांतरण के बाद स्पष्ट होगी परियोजना की तस्वीर

देहरादून में आईटी या बिजनेस पार्क विकसित करने की योजना के सफल होने से बालावाला और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे निवेश आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल परियोजना की दिशा भूमि हस्तांतरण और संबंधित मंजूरियों पर निर्भर है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही पार्क के स्वरूप, निर्माण की समयसीमा, निवेश और रोजगार से जुड़े लक्ष्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।