SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा कदम, 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी नेताओं के मार्च और विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के विरोध से जुड़े मामले में अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डराने या दबाव में लेने की कोशिश नहीं कर सकता। अदालत ने राहुल गांधी के आचरण को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, मार्च से संबंधित घटनाक्रम की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

CJI सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत को बाहर दिए जा रहे बयानों और अंदर होने वाली कार्यवाही, दोनों की जानकारी रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को डराने या धमकाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उनकी ये टिप्पणियां सुप्रीम कोर्ट परिसर तक हुए मार्च और उससे जुड़े विवाद पर सुनवाई के दौरान सामने आईं।

अदालत ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि याचिकाकर्ताओं में शामिल एक व्यक्ति के आचरण के बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इस मामले में अदालत ने संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया है।

राहुल गांधी और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर नोटिस

यह मामला SIR के विरोध में हुए प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी और अन्य 13 लोगों की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से मामले पर जवाब मांगा है।
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। इस घटनाक्रम को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मामला अदालत में पहुंचा।

CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने अदालत से अनुरोध किया कि राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के समय की CCTV फुटेज सुरक्षित रखी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया गया था।

इस मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी कहा कि फुटेज जमा कराने के लिए संबंधित व्यक्ति आगे आ सकता है। हालांकि, पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

SIR विवाद के बीच बढ़ा कानूनी और राजनीतिक टकराव

SIR को लेकर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच पहले से ही विवाद जारी है। विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया का बचाव करता रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट तक मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सुनवाई के चलते यह विवाद कानूनी स्तर पर भी चर्चा में है।

अदालत की आगे की कार्यवाही में संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल नोटिस जारी होने और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देशों को मामले की सुनवाई में अहम कदम माना जा रहा है।