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देश में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ना और मौजूदा रिकॉर्ड में गलतियों को सुधारना है। आयोग ने इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की निर्धारित तारीख तय किया है। यह प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
क्या है Special Summary Revision (SSR)?
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR मतदाता सूची को नियमित रूप से अपडेट करने की प्रक्रिया है। इसके तहत पहले से मौजूद वोटर लिस्ट की जांच करके उसमें जरूरी बदलाव किए जाते हैं। इसमें पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ना, नाम-पते या अन्य विवरणों में गलतियां सुधारना और नियमानुसार अपात्र, मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया शामिल होती है।
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6, विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 और किसी प्रविष्टि को हटाने के अनुरोध के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है। नाम हटाने से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन का पालन किया जाता है।
SSR और SIR में क्या है अंतर?
SSR और SIR दोनों का संबंध मतदाता सूची की शुद्धता से है, लेकिन इनके तरीके अलग हैं। SSR में मौजूदा मतदाता सूची को आधार बनाकर उसमें सुधार और जरूरी अपडेट किए जाते हैं। इसके विपरीत, Special Intensive Revision (SIR) अधिक विस्तृत पुनरीक्षण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं के विवरण का व्यापक सत्यापन किया जाता है और सूची को नए सिरे से तैयार करने पर जोर रहता है।
SSR और SIR का अंतर विस्तार से जानें
उत्तराखंड समेत इन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, इस चरण में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा ऐसे राज्य हैं, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मतदाता सूची को समय रहते अपडेट करना चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR जारी है या हाल ही में पूरा हुआ है, उनके लिए SSR का कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाना है।
कब जारी होगी ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची?
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची का ड्राफ्ट 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित किया जाना है। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 11 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जानी है।
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर नजर
मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच पहले से ही बहस जारी है। SIR की प्रक्रिया पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की गई है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग मतदाता सूची को सटीक और अपडेट रखने के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया को आवश्यक बताता रहा है।
SSR की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना, गलतियों को ठीक करना और मतदाता सूची में अनावश्यक प्रविष्टियों की जांच करना प्रमुख काम होंगे। संबंधित राज्यों में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुनरीक्षण तय समयसीमा में किस तरह पूरा होता है और मतदाताओं को अपने विवरण जांचने या सुधारने के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।