13 नवंबर को होगा तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी दिवस सम्मेलन, राज्य के विकास पर होगा संवाद

उत्तराखंड से बाहर देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य के विकास से जोड़ने के लिए 13 नवंबर को तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी दिवस सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में प्रवासियों के अनुभवों, सुझावों और योगदान पर चर्चा करने के साथ उनके साथ सार्थक संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर रहेगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर बुधवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक हुई।

बैठक में सम्मेलन के आयोजन, प्रचार-प्रसार और प्रवासी उत्तराखंडियों की भागीदारी सुनिश्चित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित और नवाचारपूर्ण बनाया जाए, ताकि सम्मेलन की अलग पहचान स्थापित हो सके।

दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में होगा आयोजन

तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी दिवस सम्मेलन का आयोजन देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में किया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सम्मेलन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही तैयारियों की प्रगति की जानकारी तीन से चार दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

देश-विदेश में रह रहे उत्तराखंडियों को किया जाएगा आमंत्रित

सम्मेलन में देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों के साथ विदेशों में रहकर विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे प्रवासी उत्तराखंडियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें सम्मेलन में आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान दे सकते हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उनके सुझावों का लाभ लेना है। इसके माध्यम से राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करने और प्रवासियों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रचार-प्रसार और अतिथियों की सुविधाओं पर रहेगा ध्यान

प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने सम्मेलन को लेकर व्यापक प्रचार अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके लिए मीडिया, विज्ञापन, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक प्रवासी उत्तराखंडियों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंच सके।
अधिकारियों को आमंत्रित अतिथियों के आवागमन, परिवहन, वाहनों, ठहरने और भोजन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा उद्घाटन सत्र, विभिन्न विषयों पर होने वाली चर्चाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी

सम्मेलन स्थल पर साफ-सफाई, पहुंच मार्गों और परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड सरकार के विकास कार्यों, विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रसारण किया जाएगा।

इन फिल्मों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य में चल रही विकास संबंधी पहलों की जानकारी दी जाएगी। प्रमुख सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक पत्र जारी कर आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी दिवस सम्मेलन को राज्य से बाहर रह रहे उत्तराखंडियों को अपनी मातृभूमि के विकास से जोड़ने और उनके अनुभवों व सुझावों को साझा करने के मंच के रूप में आयोजित करने की तैयारी है।