नरेंद्र नगर में पार्किंग की समस्या होगी दूर? ₹1.38 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार

उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए नई पार्किंग परियोजना को गति मिल गई है। राज्य सरकार ने इसके निर्माण से संबंधित बजट जारी करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को उत्तराखंड सचिवालय में हुई बैठक में परियोजना के लिए ₹138.20 लाख यानी करीब 1.38 करोड़ रुपये की लागत से जुड़े वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई।
आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभागीय वित्त समिति ने परियोजना से जुड़े दस्तावेजों और बजट की स्थिति पर चर्चा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वित्त विभाग से धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा से जुड़ी है परियोजना

नरेंद्र नगर में प्रस्तावित पार्किंग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की वर्ष 2021 की घोषणा का हिस्सा है। योजना के तहत मोटरनाला और पुलिस थाने के पास पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित सड़क चौड़ाई और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पार्किंग की समस्या अक्सर यातायात को प्रभावित करती है। सड़क किनारे वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति बनती है और स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित पार्किंग का उद्देश्य वाहनों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

₹1.38 करोड़ की परियोजना, बजट मिलते ही शुरू होगा निर्माण

बैठक में बताया गया कि पार्किंग परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹138.20 लाख है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले ही मंजूर हो चुकी है। अब निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक बजट जारी करने पर जोर दिया जा रहा है।

विभागीय वित्त समिति ने परियोजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं की समीक्षा के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। बजट उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

हालांकि, परियोजना की वास्तविक शुरुआत और पार्किंग के तैयार होने की तारीख के संबंध में अभी किसी निश्चित समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है।

निर्माण की गुणवत्ता पर रहेगा जोर

बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परियोजना में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री और निर्धारित मानकों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी न हो। अधिकारियों को काम की प्रगति और समयबद्ध क्रियान्वयन पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों को कैसे मिलेगा फायदा?

नरेंद्र नगर में नई पार्किंग बनने से स्थानीय निवासियों, बाजार आने वाले लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होने पर सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों की समस्या कम हो सकती है। इससे यातायात सुचारू रखने और सड़क पर जाम की स्थिति घटाने में मदद मिलेगी।

पर्यटन सीजन के दौरान वाहनों की आवाजाही बढ़ने से पार्किंग की जरूरत और अधिक महसूस होती है। ऐसे में नई सुविधा पर्यटकों के लिए वाहन खड़ा करने की परेशानी कम कर सकती है। बाजारों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय कारोबारियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
फिलहाल, परियोजना के लिए बजट जारी होने और निर्माण शुरू होने का इंतजार है। धनराशि उपलब्ध होने के बाद काम आगे बढ़ने से नरेंद्र नगर में पार्किंग व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।