Traveling Apps का खतरनाक खेल! अनजान साथी के साथ मसूरी पहुंची युवती, दो दिन बाद दर्ज हुई FIR

डेटिंग ऐप्स के साइड इफेक्ट्स तो हम सब जानते हैं, लेकिन अब बाजार में आ गए हैं ‘ट्रैवलिंग ऐप्स’। ये वो ऐप्स हैं जो अनजान लोगों को साथ सफर करने का मौका देते हैं। लेकिन उत्तराखंड के से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसने इन ऐप्स के भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नएस्थान तलाशें

GEN Z कर रहे ट्रैवलिंग ऐप्स का इस्तेमाल

आज के GEN Z ट्रैवलिंग ऐप्स का बहुत इस्तेमाल करते हैं। डेटिंग ऐप्स के बाद ये ट्रैवलिंग ऐप्स भी GEN Z के लिए अपने लिए पार्टनर ढूंढने का जरिया बन गई है। आज की डेट में गैफल (Gaffl), टूरलीना (Tourlina), ट्रिपबीएफएफ (TripBFF), बैकपैकर, फेयरीट्रेल, ट्रैवल बडी और टोलो इंडिया जैसे ट्रैवलिंग ऐप्स अनजान मुसाफिरों को एक-दूसरे से जोड़ने का दावा कर रहे हैं।

ट्रैवलिंग एप पर बुक कर सकते है ट्रैवल पार्टनर

तरीका बहुत आसान है। अपनी डेस्टिनेशन डालिए, तारीख चुनिए, सामने वाले की प्रोफाइल देखिए, अगर पसंद आ जाए तो चैट कीजिए और बस, बन गए आप ट्रैवल पार्टनर। इसके अलावा ट्रेस्पॉट (Trotspot) जैसे ऐप तो बाकायदा ट्रैवल डेटिंग और चैट के फीचर भी दे रहे हैं।

इन सभी ट्रैवलिंग ऐप पर लड़का या लड़की दोनों ट्रैवल पार्टनर बुक कर सकते हैं। बुकिंग से पहले रहने, खाने और शॉपिंग की शर्तें ऐप पर मेंशन करनी पड़ती हैं। ऐप पर इन शर्तों को गिफ्ट के तौर पर दर्ज किया जाता है। ट्रैवल पार्टनर के लिए बुकिंग से अलग एक अमाउंट भी तय किया जाता है।

देहरादून में ट्रैवल ऐप ने पहुंचाया जेल

तय रकम बुकिंग करने वाले को ट्रैवल पार्टनर को देनी पड़ती है। बुकिंग से पहले खर्च और शर्तों की जानकारी ऐप पर तय होती है। लेकिन सवाल ये है कि जिस प्रोफाइल पिक्चर को देखकर आप मुस्कुरा रहे हैं जिसके साथ टाइम स्पेंड करने और घूमने फिरने के सपने सजा रहे हैं। उसके पीछे असल में कौन है, उसकी नीयत क्या है क्या है? क्या उसपर भरोसा किया जा सकता है? देहरादून का ये मामला आपको हैरान कर देगा और आप भी इन ट्रैवलिंग ऐपस को इस्तेमाल करने से पहले 10 बार सोचोगे। नएस्थान तलाशें

ऋषिकेश की युवती ने चुना ट्रैवल पार्टनर

दरअसल दिल्ली का रहने वाला एक युवक और ऋषिकेश की रहने वाली एक युवती दोनों इसी तरह एक ऑनलाइन ट्रैवल ऐप के जरिए मिले। दोनों ने एक दूसरे को अपना ‘ट्रैवल पार्टनर’ चुना और पहुंच गए मसूरी। दोनों ने दो दिन तक मसूरी की वादियों में एक साथ वक्त बिताया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया।

दो दिन बाद पुलिस में की कंपलेन

दो दिन बाद अचानक युवती ने पुलिस स्टेशन जाकर उस दिल्ली वाले युवक पर रेप का संगीन आरोप लगा दिया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया, मुकदमा दर्ज किया और उस ‘सफर के साथी’ को गिरफ्तार कर सीधा जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।अब पुलिस इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने में लगी है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

आखिर उन दो दिनों में बंद कमरों में ऐसा क्या हुआ? क्योंकि ऑनलाइन दोस्ती में सबसे बड़ा खतरा यही है कि सामने वाले की पहचान, नीयत और पिछला रिकॉर्ड कितना सही है। इसकी गारंटी कोई ऐप नहीं देता। मसूरी का ये मामला उन हजारों-लाखों युवाओं के लिए भी एक बहुत बड़ा अलार्म है, जो अपना बैग पैक करते हैं और किसी अनजान के भरोसे सफर पर निकल पड़ते हैं।