Preparations for 2027 intensify in Uttarakhand; BJP shifts focus from damage control to ‘Hat-trick Mission’.
उत्तराखंड में 2027 Assembly Election को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी संगठन और सरकार अब केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित रहने के बजाय Ground-Level Outreach, Damage Control और Government Decisions के जरिए जनता तक पहुंच बनाने पर जोर दे रहे हैं। हाल के घटनाक्रमों को देखें तो सरकार ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक जवाबदेही का संदेश देने की कोशिश की है, जबकि संगठन ने बूथ स्तर तक अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
सरकारी कार्रवाई से दिया जवाबदेही का संदेश
नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल की शिकायत के मामले में सरकार ने सख्त कदम उठाया। लापरवाही के आरोपों के बीच जल संस्थान के प्रभारी अधीक्षण अभियंता समेत जल संस्थान और पेयजल निगम के छह इंजीनियरों को निलंबित किया गया। इसी दौरान रुद्रपुर में चोरी के एक मामले में आबकारी विभाग के एक दरोगा समेत चार कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई, जबकि दो अन्य कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
सरकार की ओर से हाल के दिनों में शिक्षा और युवाओं से जुड़े कई फैसले भी सामने आए हैं। Medical Interns के आंदोलन के बीच स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला किया गया। वहीं सरकारी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के करीब 2.25 लाख विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सहायता देने की घोषणा की गई। छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने का फैसला भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
23 हारी सीटों पर BJP का खास फोकस
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद भाजपा संगठन ने उन विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देने की तैयारी की है, जहां पार्टी को 2022 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इन 23 Assembly Seats पर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के रात्रि प्रवास की योजना तैयार की गई है। इसे जल्द ही जमीन पर उतारने की तैयारी है।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल के मुताबिक, संगठन का Seva Sankalp Campaign गांवों से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की पहुंच बढ़ाने का माध्यम बन रहा है। कार्यकर्ताओं को स्थानीय लोगों से संवाद करने, सरकारी योजनाओं का फीडबैक लेने और अलग-अलग सामाजिक समूहों से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
विवाद के बाद अब फैसलों और जनसंपर्क पर जोर
सितंबर की शुरुआत में हल्द्वानी में कांग्रेस की सभा के बाद रामलीला मैदान के शुद्धीकरण को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया था। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे और विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद संगठन की रणनीति में Ground-Level Political Outreach पर जोर दिखाई दिया।
पार्टी अब ऐसे क्षेत्रों में सीधे पहुंच बनाने की तैयारी कर रही है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में उसे नुकसान हुआ था। इसके तहत नेताओं के रात्रि प्रवास और कार्यकर्ताओं के जनसंपर्क को चुनावी तैयारियों से जोड़ने की योजना है।
‘सेवा संकल्प’ से गांव और बूथ तक पहुंच
भाजपा का Seva Sankalp Campaign 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। अभियान के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को मोहल्लों, गांवों और बूथों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सरकार की योजनाओं को लेकर प्रतिक्रिया लेने पर भी फोकस किया जा रहा है।
इस रणनीति के जरिए भाजपा संगठन सरकार के कामकाज और पार्टी के Booth-Level Network के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रहा है।
युवा और Gen-Z पर भी नजर
सरकार ने युवा मतदाताओं और विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए भी कई फैसले किए हैं। 18 सितंबर को हुए Mukhyamantri Yuva Vidyarthi Manthan कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए टैबलेट खरीदने हेतु DBT से आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।
इससे सरकार की पहुंच केवल छात्र संगठनों तक सीमित रखने के बजाय सीधे विद्यार्थियों और उनके परिवारों तक बढ़ाने की रणनीति भी दिखाई देती है। Youth Outreach, Gen-Z Engagement और Student Welfare आने वाले चुनावी दौर में संगठन के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं।
महिला मतदाताओं पर भी फोकस
भाजपा सरकार ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर भी कई फैसले किए हैं। महिला स्वरोजगार के लिए मिलने वाले ऋण की सीमा बढ़ाने जैसे कदमों के साथ छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने का शासनादेश जारी किया गया है। ऐसे फैसलों के जरिए Women Empowerment और Female Voter Outreach पर भी जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में भाजपा की 2027 की तैयारी अब Election Strategy, Ground-Level Outreach, Youth Connect, Women Outreach और Booth Management जैसे कई स्तरों पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। पार्टी का फोकस 2022 में कमजोर रहे क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और सरकार के फैसलों को सीधे जनता तक पहुंचाने पर है।