Steps did not falter even in heavy rain; employees staged a massive protest in Dehradun demanding the old pension scheme.
देहरादून में रविवार को पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने बड़ा प्रदर्शन किया। National Movement for Old Pension Scheme (NMOPS) के आह्वान पर प्रदेश के सभी 13 जिलों से शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी देहरादून पहुंचे। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड में जुटकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया।
प्रदर्शन में पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और देहरादून समेत सभी जिलों के कर्मचारियों की भागीदारी रही। कर्मचारियों का कहना था कि पुरानी पेंशन व्यवस्था उनकी बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी है, इसलिए इसे दोबारा लागू किया जाना चाहिए।
OPS बहाली और TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
कर्मचारियों ने National Pension System (NPS) और Unified Pension Scheme (UPS) को लेकर भी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मौजूदा पेंशन व्यवस्थाएं कर्मचारियों को वह सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा नहीं देतीं, जो Old Pension Scheme के तहत मिलती थी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना को तत्काल बहाल करना, NPS और UPS को समाप्त कर पुराने पेंशन लाभ देना और शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता खत्म करना शामिल है।
रैली को NMOPS के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल समेत कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देशभर में Old Pension Scheme को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा है। उत्तराखंड में कर्मचारियों की एकजुटता ने इस अभियान को और मजबूती दी है।
कई कर्मचारी संगठनों ने दिया समर्थन
प्रदर्शन को उत्तराखंड सचिवालय संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जोशी, महासचिव राजेंद्र रतूड़ी, समीक्षा अधिकारी संघ के अध्यक्ष गुम सिंह चौहान, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष इंजीनियर आरसी शर्मा, पहाड़ी कर्मचारी शिक्षक संगठन के संरक्षक पंचम सिंह बिष्ट और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महासचिव शक्ति प्रसाद भट्ट समेत कई संगठनों का समर्थन मिला।
इसके अलावा डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन की अध्यक्ष सुधा कुकरेती, होम्योपैथी फार्मेसी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवेश उनियाल, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संगठनों तथा विभिन्न विभागीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
CM आवास की ओर मार्च, सौंपा ज्ञापन
परेड ग्राउंड से कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। इस दौरान कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समन्वयक रावत को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि एक सप्ताह के भीतर NMOPS के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री के साथ औपचारिक वार्ता कराई जाएगी। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाएगी।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
NMOPS के प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, प्रदेश महासचिव इंजीनियर मुकेश रतूड़ी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और इंजीनियर जगमोहन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष इंजीनियर शांतनु शर्मा तथा देहरादून जिलाध्यक्ष संतोष गड़ोई ने कहा कि कर्मचारियों को सरकार से सकारात्मक फैसले की उम्मीद है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर कर्मचारी कार्य बहिष्कार और व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने की बात भी कह रहे हैं।