Uttarakhand Monsoon: Strict instructions to officials—take immediate action if roads, electricity, or water supply are disrupted.
उत्तराखंड में मानसून के दौरान लगातार सामने आ रही आपदा की चुनौतियों के बीच आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि आपदा के समय Relief and Rescue Operation में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबे समय से बंद सड़कों को लेकर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर मार्ग खोलने और यातायात जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
बंद सड़कें तुरंत खोलने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने जिले के Sensitive Areas, बंद और बाधित सड़कों, उपलब्ध जेसीबी व अन्य भारी मशीनरी, राहत-बचाव टीमों और NDRF, SDRF, DDRF तथा QRT की तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि किसी आपदा की स्थिति में जरूरी मशीनरी और उपकरण कहां-कहां उपलब्ध हैं और उन्हें घटनास्थल तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। मंत्री ने निर्देश दिया कि सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही Empanelled Machinery को बिना देरी प्रभावित क्षेत्र में भेजा जाए।
उन्होंने मशीनों की Real-Time Location और Availability का अपडेट रखने को कहा, ताकि मलबा हटाने में अनावश्यक समय न लगे और यातायात जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
एसडीएम को नियमित निगरानी के निर्देश
मदन कौशिक ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों और महत्वपूर्ण सरकारी व सार्वजनिक परिसंपत्तियों की लगातार निगरानी करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए और किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही से आम लोगों की परेशानी बढ़ती है। ऐसे में सभी विभागों को आपसी Coordination के साथ काम करना होगा।
अगस्त्यमुनि और तिलवाड़ा में जलभराव का स्थायी समाधान
बारिश के दौरान अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा समेत कई बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित विभागों को केवल बारिश के समय अस्थायी इंतजाम करने के बजाय इसका Permanent Drainage Solution तैयार करने के निर्देश दिए।
मदन कौशिक ने कहा कि हर साल मानसून में एक जैसी जलभराव की समस्या सामने आना ठीक नहीं है। इसके लिए प्रभावी Drainage Plan तैयार कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
पीपलकोटी टनल हादसे का भी लिया संज्ञान
समीक्षा बैठक में पीपलकोटी में हाल ही में हुई टनल दुर्घटना का भी जिक्र किया गया। मंत्री ने कहा कि ऐसे हादसों से निपटने के लिए राज्य में Rescue System को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को Training, Mock Drill और Expert Support पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि किसी भी आपदा के दौरान बेहतर तैयारी और समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
सेना और केंद्रीय एजेंसियों से लिया जा रहा सहयोग
मंत्री ने बताया कि आपदा की स्थिति में भारतीय सेना, NDRF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग लिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब मौसम के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार Ground Monitoring की जाए। सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाओं या अन्य जरूरी सुविधाओं में किसी भी तरह का व्यवधान आने पर संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें।
केदारनाथ यात्रियों की सुविधा पर भी फोकस
मदन कौशिक ने कहा कि मानसून के दौरान आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और Kedarnath Yatra पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।